सोनिया गांधी का सरकार पर बड़ा हमला: “नेहरू को इतिहास से मिटाने की कोशिश”,
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संवाद 24, नई दिल्ली
दिल्ली के जवाहर भवन में शुक्रवार को आयोजित नेहरू सेंटर इंडिया के लॉन्च कार्यक्रम में कांग्रेस संसदीय दल की चेयरपर्सन सोनिया गांधी ने केंद्र सरकार को खुलकर निशाने पर लिया। सोनिया ने कहा कि आज की सत्ता पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की छवि धूमिल करने पर तुली है।
???? सोनिया गांधी के प्रमुख आरोप
1. “नेहरू को इतिहास से मिटाने की सुनियोजित कोशिश”
सोनिया ने कहा कि सरकार न सिर्फ नेहरू के योगदान को कमजोर दिखाना चाहती है बल्कि उन सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक नींव को भी नुकसान पहुंचा रही है, जिन पर आधुनिक भारत खड़ा है।
2. “संगठित तरीके से बदनाम करने की रणनीति”
उन्होंने कहा—
“इतने बड़े नेता पर विमर्श होना चाहिए, लेकिन उन्हें गलत तरीके से पेश करना और उनकी बातों को तोड़-मरोड़कर लोगों के सामने रखना बिल्कुल स्वीकार नहीं।”
3. “वह विचारधारा सामने आ गई है जिसका स्वतंत्रता संग्राम में योगदान नहीं”
सोनिया ने तीखा बयान देते हुए कहा—
“ये वे ताकतें हैं जिन्होंने न कभी स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लिया, न संविधान निर्माण में। बल्कि उस समय संविधान की नकलें जलाने तक की घटनाएं की गईं।”
उन्होंने यह भी कहा कि यही विचारधारा महात्मा गांधी के हत्यारों का महिमामंडन करती है।
???? नेहरू की भूमिका को छोटा बताने की कोशिश—सोनिया
सोनिया गांधी ने दावा किया कि आजादी के बाद के कठिन वर्षों में नेहरू के नेतृत्व को जानबूझकर कमज़ोर दिखाया जा रहा है और उनकी बहुआयामी विरासत को एकतरफा तरीके से नुकसान पहुंचाने की कोशिश हो रही है।
???? हाल के महीनों में PM मोदी द्वारा नेहरू पर की गई आलोचनाएं
कार्यक्रम में अप्रत्यक्ष तौर पर सोनिया ने PM मोदी के हालिया बयानों का भी उल्लेख किया।
कुछ प्रमुख उदाहरण—
- 31 अक्टूबर 2025: PM मोदी ने कहा कि “नेहरू ने सरदार पटेल को पूरा कश्मीर भारत में मिलाने नहीं दिया।”
- 29 जुलाई 2025: संसद में PM ने आरोप लगाया कि नेहरू भारत की नदियों का 80% पानी पाकिस्तान को देने को तैयार थे।
???? पृष्ठभूमि: नेहरू पर राजनीतिक टकराव बढ़ा
बीते एक साल में नेहरू की नीतियों, कश्मीर मुद्दे और विदेश नीति को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच टकराव बढ़ा है। सोनिया का यह बयान उसी विवाद का विस्तार माना जा रहा है।






