इंडिया गेट पर हिड़मा के पोस्टर, मचा हंगामा, 22 गिरफ्तार
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संवाद 24 नई दिल्ली। राजधानी में रविवार देर शाम वायु प्रदूषण के खिलाफ किए गए प्रदर्शन के दौरान हाल ही में मारा गया मोस्ट वांटेड नक्सली कमांडर माड़वी हिड़मा चर्चा का केंद्र बन गया। प्रदर्शनकारियों ने इंडिया गेट पर उसके पोस्टर लहराए और “माड़वी हिड़मा अमर रहे” तथा “लाल सलाम” जैसे नारे लगाए। कुछ पोस्टरों पर हिड़मा की तुलना आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी बिरसा मुंडा से की गई और उसे जल, जंगल और जमीन का रक्षक बताया गया।

प्रदर्शन के दौरान स्थिति तब बिगड़ी जब पुलिस ने भीड़ को हटाने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों पर काली मिर्च स्प्रे कर दिया, जिससे 3–4 अधिकारी घायल हो गए। इसके बाद भीड़ और पुलिस के बीच हाथापाई हुई। सोमवार तक 22 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और दो थानों में FIR दर्ज की गई है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, प्रदर्शन सी-हेक्सागॉन क्षेत्र के पास हुआ, जहाँ से एम्बुलेंस और मेडिकल स्टाफ का गुजरना मुश्किल हो गया था। यह पहली बार था जब प्रदर्शनकारियों ने कानून व्यवस्था संभाल रहे अधिकारियों पर मिर्च स्प्रे का इस्तेमाल किया।
कौन था माड़वी हिड़मा?
18 नवंबर को आंध्र प्रदेश के एलूरी सीताराम राजू जिले में एनकाउंटर में मारा गया हिड़मा करीब 25 साल से छत्तीसगढ़ के बस्तर में सक्रिय था। उस पर 1 करोड़ रुपए का इनाम था और वह 26 बड़े नक्सली हमलों का मास्टरमाइंड रहा। प्रमुख घटनाएँ—
- 2010 दंतेवाड़ा हमला (76 CRPF जवान शहीद)
- 2013 झीरम घाटी हमला
- 2021 सुकमा–बीजापुर हमला
न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, गृहमंत्री अमित शाह ने 30 नवंबर की डेडलाइन दी थी, लेकिन हिड़मा 12 दिन पहले ही एनकाउंटर में ढेर कर दिया गया। उसके साथ उसकी पत्नी राजक्का और चार अन्य नक्सली भी मारे गए।
पुलिस की कार्रवाई जारी है, तथा प्रदर्शन में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। कानून-व्यवस्था के मद्देनज़र इंडिया गेट और आसपास के इलाकों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।






