दिल्ली विस्फोट में नया खुलासा: आटा चक्की से विस्फोटक तैयार करने का आरोप
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संवाद 24 | नई दिल्ली
दिल्ली ब्लास्ट मामले की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े डॉ. मुजम्मिल गनई, डॉ. शाहीन सईद, डॉ. आदिल अहमद राथर और मौलवी इरफान को हिरासत में लिया है। जांच के दौरान फरीदाबाद के धौज गांव में एक टैक्सी ड्राइवर के घर से आटा चक्की, मेटल पिघलाने वाली मशीन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए। बताया जा रहा है कि इसी चक्की का इस्तेमाल यूरिया पीसकर विस्फोटक बनाने के लिए किया जाता था। जांच टीम के मुताबिक, मुजम्मिल पहले यूरिया को बारीक पीसता था, फिर रिफाइन कर उसमें केमिकल मिलाता था। ये केमिकल अल-फलाह यूनिवर्सिटी की प्रयोगशाला से चोरी किए गए थे।
जांच में सामने आया कि मुजम्मिल ने इस चक्की को टैक्सी ड्राइवर के घर बहन के दहेज के रूप में रखने की बात कहकर छोड़ा था। बाद में उसने इसे धौज में लाकर इस्तेमाल करना शुरू किया। इसी कमरे से 9 नवंबर को 360 किलो अमोनियम नाइट्रेट और अन्य विस्फोटक सामग्री बरामद की गई, जबकि 10 नवंबर को फतेहपुरतगा स्थित एक अन्य स्थान से 2558 किलो संदिग्ध पदार्थ मिला। आरोपी ड्राइवर ने NIA को बताया कि उसकी मुजम्मिल से मुलाकात चार वर्ष पहले उसके बेटे के इलाज के दौरान हुई थी, जिसके बाद संपर्क बढ़ता गया।
सूत्रों के अनुसार, यह कथित मॉड्यूल वाइट कॉलर आतंक तंत्र के रूप में काम करता था। इसमें डॉ. मुजम्मिल नेटवर्क बनाने, डॉ. शाहीन आर्थिक सहायता और वैचारिक प्रभाव तैयार करने तथा मारे जा चुके डॉ. उमर नबी रणनीति तैयार करने में सक्रिय थे। रिपोर्ट में बताया गया कि मुजम्मिल अस्पताल में आने वाले मरीजों और कर्मचारियों के घर जाने के बहाने संपर्क बनाता था और नए लोगों को मॉड्यूल से जोड़ने की कोशिश करता था।
मुजम्मिल ने धौज के स्थानीय लोगों, दुकानदारों और छात्रों से जुड़े कुछ लोगों के साथ भी संपर्क बढ़ाया। वहीं, डॉ. शाहीन को मॉड्यूल में ‘मैडम सर्जन’ कहा जाता था, जिसने महिला आतंकियों की एक टीम बनाने की कोशिश की थी। उसकी डायरी में संभावित भर्ती किए जाने वाले कुछ नाम भी दर्ज पाए गए। बताया गया कि आर्थिक सहयोग किसे दिया जाए, इसका निर्णय शाहीन और उमर मिलकर करते थे। महिला टीम बनाने का प्रयास सफल नहीं होने पर यह जिम्मेदारी डॉ. मुजम्मिल को सौंप दी गई थी।
जांच एजेंसियों के अनुसार, इस मामले में विस्फोटक सामग्री की बड़ी मात्रा, पेशेवर तरीके से उसका निर्माण और शिक्षित लोगों की भूमिका गंभीर सुरक्षा चिंता का विषय है। मामले की जांच जारी है।






