नौगाम थाने में आधी रात भयावह धमाका: 12 की मौत, दर्जनों घायल।
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संवाद 24 श्रीनगर/दिल्ली। श्रीनगर के नौगाम थाना परिसर में शुक्रवार देर रात एक भीषण विस्फोट हुआ, जिसमें 12 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई और कई घायल हो गए। आधी रात को हुए इस धमाके ने पूरे इलाके को दहला दिया और थाने का दृश्य लाल किले के पास हुए कार ब्लास्ट जैसा भयावह नजर आने लगा। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि धमाका लापरवाही से हुआ या किसी आतंकी तत्व की भूमिका इसमें शामिल थी।
फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल से लाया गया विस्फोटक बना हादसे की वजह
सूत्रों के अनुसार, नौगाम थाने में विस्फोट तब हुआ जब पुलिसकर्मी “वाइट टेरर मॉड्यूल” मामले में फरीदाबाद से जब्त विस्फोटक का सैंपल ले रहे थे।
जम्मू-कश्मीर पुलिस हाल ही में फरीदाबाद स्थित डॉ. मुज़म्मिल गनई के किराए के मकान से 360 किलो विस्फोटक बरामद कर लाई थी। इसी विस्फोटक सामग्री की जांच और सैंपलिंग का कार्य शुक्रवार रात किया जा रहा था।
इसी दौरान लगभग रात 11:30 बजे अचानक बड़ा धमाका हुआ, जिससे थाना परिसर में भारी तबाही फैल गई।
धमाके के बाद मचा हाहाकार: लाल किले जैसे विस्फोट की यादें ताज़ा
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस अधिकारियों के अनुसार:
- धमाका इतनी भीषण तीव्रता का था कि कई मीटर दूर तक शरीर के अंग बिखर गए।
- परिसर में मौजूद कई मकान और दीवारें हिल गईं, जैसे भूकंप आया हो।
- धमाके की गूंज दूर-दराज इलाकों तक सुनाई दी।
- थाने के भीतर का दृश्य लाल किले के पास हुए उमर के कार ब्लास्ट जैसा ही दिखाई दिया—चारों ओर धुआँ, मलबा और चीख-पुकार।
क्या दिल्ली ब्लास्ट और नौगाम धमाके के बीच कोई कड़ी?
जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि:
- दिल्ली ब्लास्ट,
- फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल,
- और नौगाम थाने में हुए विस्फोट
के बीच कोई सीधा या तकनीकी कनेक्शन है या नहीं।
क्योंकि फरीदाबाद से बरामद विस्फोटक और दिल्ली में हुए ब्लास्ट में प्रयुक्त सामग्री की संरचना को लेकर प्रारम्भिक समानताओं की बात सामने आई है। यह भी जांच की जा रही है कि कहीं किसी साजिश के तहत सैंपलिंग के दौरान विस्फोट की योजना तो नहीं बनाई गई थी।
आगे की जांच
फिलहाल NIA, स्पेशल सेल और जम्मू-कश्मीर पुलिस मिलकर घटनास्थल का फोरेंसिक विश्लेषण कर रही है।
सैंपलिंग के दौरान हुई तकनीकी चूक, विस्फोटक की अस्थिर संरचना, या आतंकी हस्तक्षेप—सभी बिंदुओं की गहन जांच की जा रही है। राज्य सरकार ने घटना को गंभीर सुरक्षा चूक मानते हुए विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।






