सबरीमाला सोना चोरी जांच: ईडी ने केरल हाईकोर्ट से रिपोर्ट मांगी, पीएमएलए के तहत छानबीन के लिए माँगा आग्रह

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कोच्चि/त्रिवेंद्रम — सबरीमाला मंदिर में हुई सोना चोरी से जुड़े मामले की विस्तृत जांच रिपोर्ट की मांग करते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) शुक्रवार को केरल हाईकोर्ट पहुंचा। ईडी ने अदालत से कहा कि प्राप्त जांच दस्तावेज और सबूत पीएमएलए (पैसे की अवैध गतिविधियों से जुड़े क़ानून) के दायरे में लाए जाने हेतु आवश्यक हैं, इसलिए जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराकर इस दिशा में छानबीन की अनुमति दी जाए।

मामले का उद्देश्य और ईडी की दलीलें
ईडी ने अदालत को बताया कि प्राथमिक जांच में जो कागजात और पाई गई सूचनाएँ मिली हैं, वे धनशोधन के संभावित मामलों की ओर संकेत करती हैं। इसलिए ज़रूरी है कि संबंधित सरकारी तथा पुलिस रिपोर्ट अदालत के माध्यम से ईडी को सौंप दी जाएं ताकि पीएमएलए के तहत गहन जांच शुरू की जा सके। ईडी ने यह भी अनुरोध किया कि जांच की पारदर्शिता और प्रक्रिया की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निर्देश दिये जाएँ।

अन्य जांच-अवस्थाएँ और समन्वय
स्रोतों के अनुसार, ईडी ने स्थानीय जांच एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित करने तथा उपलब्ध सबूतों के कानूनी वैधता का परीक्षण करने की भी माँग की। अदालत में दायर की गई याचिका में यह भी बताया गया कि समझे जाने वाले सभी दस्तावेज़ों की सूची और उनसे जुड़े प्रारम्भिक निष्कर्षों की प्रतियाँ ईडी को सौंपी जाएँ।

कोकेन तस्करी मामलों में एनसीबी की कार्रवाई का जिक्र
खबर में यह भी उल्लेख है कि इसी के साथ देश के अलग-अलग हिस्सों में मादक पदार्थों से जुड़ी अन्य जांचों में भी कार्रवाइयाँ जारी हैं। कोकेन तस्करी से जुड़े मामलों में राष्ट्रीय जांच एजेंसियाँ और एनसीबी ने अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी एवं गिरफ्तारी की सूचना दी है। जांच एजेंसियों का कहना है कि इन घटनाओं के कई तार पारस्परिक रूप से जोड़ने की संभावनाओं का आकलन किया जा रहा है और आवश्यकतानुसार संपूर्ण तलाशी व कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अदालत की सुनवाई और आगे की प्रक्रिया
केरल हाईकोर्ट ने ईडी की अर्जी पर सुनवाई करते हुए संबंधित दस्तावेज़ उपलब्ध कराने के निर्देश देने पर विचार करने की बात कही। अदालत आगामी सुनवाई में सबमिट किए गए सबूतों और दलीलों के आधार पर यह तय करेगी कि पीएमएलए के तहत किन-किन पहलुओं पर स्वतंत्र, औपचारिक छानबीन की अनुमति दी जानी चाहिए।

यह संशाधन-आधारित जांच अब न्यायिक निगरानी में आगे बढ़ेगी और सम्बन्धित एजेंसियाँ अदालत द्वारा निर्धारित शर्तों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई और समन्वय करेंगी।

Samvad 24 Office
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