हॉर्मुज़ संकट गहराया: भारतीय नाविकों की मौत के बाद भारत सख्त, समुद्री रास्ता खोलने की मांग तेज

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संवाद 24 नई दिल्ली। मध्य पूर्व में जारी युद्ध के बीच हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। भारतीय नाविकों की मौत और सैकड़ों जहाजों के फंसने के बाद भारत ने अब खुलकर इस अहम समुद्री मार्ग को दोबारा खोलने की मांग उठाई है। भारत ने इसे न केवल मानवीय बल्कि वैश्विक व्यापार और ऊर्जा सुरक्षा का मुद्दा बताया है।

नाविकों की मौत ने बढ़ाई चिंता
हाल के हमलों में कई जहाजों को निशाना बनाया गया, जिसमें भारतीय नाविकों की भी मौत हुई। इस घटना के बाद भारत ने गहरी चिंता जताई और सुरक्षित समुद्री मार्ग सुनिश्चित करने की मांग तेज कर दी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, हॉर्मुज़ क्षेत्र में हमलों और खतरनाक हालात के कारण हजारों नाविक जहाजों में फंसे हुए हैं, जहां खाने-पीने जैसी बुनियादी चीजों की भी कमी होने लगी है।

क्यों इतना अहम है हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य?
हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक है।
दुनिया के करीब 20–25% तेल की सप्लाई इसी रास्ते से होती है
एशिया और यूरोप के बीच व्यापार का बड़ा हिस्सा यहीं से गुजरता है
इस रास्ते के बंद होने से पूरी दुनिया में तेल की कीमतें बढ़ने लगी हैं और सप्लाई चेन पर भी बड़ा असर पड़ा है।

भारत की कूटनीतिक सक्रियता
भारत ने इस मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रियता बढ़ा दी है।
ब्रिटेन की अगुवाई में हुई बैठक में भारत ने हिस्सा लिया
ईरान से सीधे संपर्क कर सुरक्षित रास्ता देने की मांग की
वैश्विक मंचों पर फ्री नेविगेशन (free passage) का समर्थन किया
भारत का कहना है कि यह सिर्फ एक देश का मुद्दा नहीं बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था से जुड़ा संकट है।

हजारों जहाज फंसे, संकट गहराया
स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि:
लगभग 2000 जहाज समुद्र में फंसे हुए हैं
20,000 से ज्यादा नाविक प्रभावित हैं
कई जहाजों में खाने और पानी की कमी हो रही है
यह संकट अब सिर्फ युद्ध का नहीं बल्कि मानवीय आपदा का रूप लेता जा रहा है।

अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ा
भारत समेत करीब 40 देशों ने मिलकर ईरान पर दबाव बनाने की रणनीति बनाई है, ताकि हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को फिर से खोला जा सके।
इन देशों का मानना है कि अगर यह रास्ता लंबे समय तक बंद रहा, तो:
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भारी असर पड़ेगा
खाद्य और ऊर्जा संकट गहरा सकता है
कई देशों में महंगाई बढ़ सकती है

भारतीय नौसेना अलर्ट मोड में
भारत ने अपने जहाजों और तेल टैंकरों की सुरक्षा के लिए नौसेना को भी अलर्ट कर दिया है।
भारतीय नौसेना जहाजों को एस्कॉर्ट कर रही है
सरकार ने कहा कि देश में फिलहाल ईंधन की कमी नहीं है

निष्कर्ष
हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य का संकट अब सिर्फ एक क्षेत्रीय विवाद नहीं रहा, बल्कि यह वैश्विक चिंता का विषय बन चुका है। भारतीय नाविकों की मौत ने इस मुद्दे को और संवेदनशील बना दिया है। भारत की सख्त मांग और अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या जल्द ही यह अहम समुद्री रास्ता फिर से खुल पाएगा या नहीं।

Madhvi Singh
Madhvi Singh

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