‘भोंदू बाबा’ का काला खेल: 130 बैंक खातों का जाल, करोड़ों की हेराफेरी का खुलासा
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संवाद 24 महाराष्ट्र। नासिक से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां खुद को धर्मगुरु और ज्योतिषाचार्य बताने वाले तथाकथित बाबा अशोक खरात के खिलाफ जांच में बड़े पैमाने पर आर्थिक घोटाले का खुलासा हुआ है। पहले से ही गंभीर आरोपों में घिरे इस कथित बाबा के खिलाफ अब वित्तीय अनियमितताओं की परतें भी खुलती जा रही हैं, जिसने पूरे मामले को और ज्यादा सनसनीखेज बना दिया है।
130 से ज्यादा खातों का जाल
जांच एजेंसियों को इस मामले में सबसे बड़ा सुराग तब मिला, जब अलग-अलग नामों से संचालित 130 से अधिक बैंक खातों का नेटवर्क सामने आया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, इन खातों को अलग-अलग लोगों के नाम पर खुलवाया गया था, लेकिन इनका नियंत्रण कथित तौर पर बाबा खरात के पास ही था। इन खातों के जरिए बड़े पैमाने पर पैसों का लेन-देन किया गया, जिससे जांच एजेंसियों को शक है कि यह पूरा एक संगठित वित्तीय नेटवर्क था। कई खातों में रोजाना लाखों रुपये के ट्रांजेक्शन होने की बात भी सामने आई है।
करोड़ों का खेल, बढ़ती जा रही जांच
प्रारंभिक जांच में अनुमान लगाया गया है कि इन खातों के जरिए 50 करोड़ रुपये से ज्यादा का लेन-देन हुआ हो सकता है। इसके अलावा, पहले की जांच में यह भी सामने आया था कि बाबा ने लोगों को धार्मिक उपाय और चमत्कारी वस्तुओं के नाम पर ठगकर करोड़ों की संपत्ति खड़ी कर ली थी। जांच एजेंसियां अब इस पूरे वित्तीय नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही हैं और यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस घोटाले में और कौन-कौन शामिल हो सकता है।
पहले से गंभीर आरोपों में घिरे
यह मामला सिर्फ आर्थिक घोटाले तक सीमित नहीं है। बाबा अशोक खरात पहले से ही महिलाओं के शोषण और धोखाधड़ी जैसे गंभीर आरोपों का सामना कर रहा है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि उसने लोगों की आस्था का फायदा उठाकर उन्हें मानसिक रूप से प्रभावित किया और फिर आर्थिक लाभ उठाया। कई पीड़ितों ने शिकायत दर्ज कराई है, जिससे इस पूरे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।
SIT की नजर, बढ़ सकता है खुलासा
मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम (SIT) गठित की गई है। यह टीम न सिर्फ वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है, बल्कि यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे नेटवर्क में किन-किन लोगों की भूमिका रही है। साथ ही, बड़ी मात्रा में नकद लेन-देन की वजह से फॉरेंसिक ऑडिट कराने की तैयारी भी की जा रही है, ताकि पैसों की असली हकीकत सामने लाई जा सके।
प्रभावशाली लोगों के नाम भी शक के घेरे में
जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि कुछ प्रभावशाली लोगों या उनके रिश्तेदारों के नाम पर भी खाते खोले गए हो सकते हैं। इससे यह मामला और ज्यादा संवेदनशील बन गया है। अगर यह सच साबित होता है, तो आने वाले दिनों में इस केस में और बड़े खुलासे हो सकते हैं और कई बड़े नाम भी सामने आ सकते हैं।
निष्कर्ष
नासिक का यह मामला सिर्फ एक धोखाधड़ी या फर्जी बाबा की कहानी नहीं है, बल्कि यह उस संगठित सिस्टम की तस्वीर पेश करता है, जहां आस्था के नाम पर लोगों को ठगा जाता है और करोड़ों का खेल खेला जाता है। 130 बैंक खातों का खुलासा इस बात का संकेत है कि यह कोई छोटा मामला नहीं, बल्कि एक बड़े स्तर का आर्थिक घोटाला हो सकता है। अब सबकी नजर इस पर टिकी है कि जांच एजेंसियां आगे क्या नए खुलासे करती हैं और इस पूरे नेटवर्क के पीछे छिपे लोगों को कैसे बेनकाब किया जाता है।






