‘डिजिटल अरेस्ट’ का जाल: निवेश के नाम पर करोड़ों की ठगी, दिल्ली में 6 गिरफ्तार
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संवाद 24 नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में साइबर अपराध के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है, जहां पुलिस ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ और फर्जी निवेश योजनाओं के जरिए लोगों को ठगने वाले गिरोह के छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस गिरोह ने देशभर में फैले नेटवर्क के जरिए आम लोगों, खासकर बुजुर्गों और निवेशकों को निशाना बनाकर करोड़ों रुपये की ठगी को अंजाम दिया।
ऐसे चलता था ‘डिजिटल अरेस्ट’ का खेल
जांच में सामने आया कि आरोपी खुद को सरकारी एजेंसियों जैसे पुलिस, CBI या TRAI का अधिकारी बताकर लोगों को फोन करते थे। वे पीड़ितों को यह विश्वास दिलाते थे कि वे किसी गंभीर अपराध में फंसे हैं और उन्हें “डिजिटल अरेस्ट” किया जा रहा है। इसके बाद उन्हें वीडियो कॉल या फोन पर लगातार दबाव में रखा जाता था और डराकर पैसे ट्रांसफर करवाए जाते थे।
निवेश के नाम पर भी बिछाया जाल
गिरोह का दूसरा तरीका फर्जी निवेश स्कीम था। आरोपियों ने व्हाट्सएप ग्रुप और नकली मोबाइल ऐप के जरिए लोगों को हाई रिटर्न का लालच दिया। कई लोगों से लाखों रुपये निवेश के नाम पर ठगे गए, लेकिन बाद में यह पूरा सिस्टम फर्जी निकला।
10 करोड़ से ज्यादा की ठगी का खुलासा
पुलिस के मुताबिक इस नेटवर्क से जुड़े करीब 89 मामलों की जांच में लगभग 10.6 करोड़ रुपये की ठगी सामने आई है। यह गिरोह अलग-अलग राज्यों में फैला हुआ था और कई बैंक खातों (म्यूल अकाउंट्स) के जरिए पैसे को इधर-उधर ट्रांसफर करता था।
कई राज्यों में छापेमारी के बाद गिरफ्तारी
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली, उत्तर प्रदेश, झारखंड, उत्तराखंड, राजस्थान और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में छापेमारी की। इसके बाद छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जो इस पूरे नेटवर्क का अहम हिस्सा बताए जा रहे हैं।
कुछ रकम बरामद, बाकी की तलाश जारी
जांच के दौरान पुलिस ने करीब 19 लाख रुपये बरामद कर लिए हैं और कुछ रकम पीड़ितों को वापस भी दिलाई गई है। हालांकि, अभी भी बड़ी रकम की तलाश जारी है और गिरोह के अन्य सदस्यों की खोज की जा रही है।
बुजुर्गों को बनाया गया सबसे आसान निशाना
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के साइबर अपराधों में सबसे ज्यादा बुजुर्गों को निशाना बनाया जाता है, क्योंकि उन्हें तकनीकी जानकारी कम होती है और वे आसानी से डर या लालच में आ जाते हैं।
सावधान रहें: ऐसे बचें इस तरह की ठगी से
विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी अनजान कॉल, सरकारी अधिकारी के नाम पर धमकी या अत्यधिक रिटर्न के लालच वाले निवेश प्रस्ताव से सतर्क रहना जरूरी है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ऐसी किसी भी घटना की तुरंत साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करें।






