मिडिल ईस्ट तनाव के बीच एयर इंडिया का बड़ा फैसला: सीमित उड़ानों के बीच 30 फ्लाइट्स चलाकर यात्रियों को राहत
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संवाद 24 नई दिल्ली। पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में बढ़ते तनाव के बीच भारत की प्रमुख एयरलाइन Air India ने यात्रियों को राहत देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सीमित संचालन के बावजूद कंपनी 23 मार्च को इस क्षेत्र के लिए कुल 30 उड़ानें संचालित कर रही है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब क्षेत्रीय संघर्ष के कारण कई रूट प्रभावित हैं और हवाई सेवाएं बाधित हो रही हैं।
30 फ्लाइट्स के जरिए कनेक्टिविटी बनाए रखने की कोशिश
एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस मिलकर कुल 30 निर्धारित और अतिरिक्त (non-scheduled) उड़ानें चला रही हैं। इन उड़ानों में UAE और सऊदी अरब जैसे प्रमुख गंतव्य शामिल हैं। एयरलाइन के अनुसार, ये उड़ानें सभी जरूरी अनुमति लेकर चलाई जा रही हैं, ताकि यात्रियों की आवाजाही बनी रहे और फंसे लोगों को राहत मिल सके।
कई रूट अब भी बंद, सेवाएं सीमित
हालांकि, सभी गंतव्यों के लिए सेवाएं बहाल नहीं हो सकी हैं। कई शहरों – जैसे बहरीन, दोहा, कुवैत और तेल अवीव – के लिए उड़ानें फिलहाल स्थगित हैं। इसके अलावा कुछ एयरपोर्ट्स और एयरस्पेस अब भी सुरक्षा कारणों से बंद या जोखिमपूर्ण माने जा रहे हैं, जिसके चलते एयरलाइन को अपने ऑपरेशन सीमित रखने पड़ रहे हैं।
हजारों उड़ानें पहले ही हो चुकी हैं रद्द
मौजूदा हालात का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पिछले कुछ हफ्तों में एयर इंडिया करीब 2,500 उड़ानें रद्द करनी पड़ी हैं और अभी कंपनी सिर्फ लगभग 30% क्षमता पर काम कर रही है। इसका असर न सिर्फ यात्रियों पर पड़ा है, बल्कि एयरलाइन इंडस्ट्री पर भी आर्थिक दबाव बढ़ा है।
यात्रियों को दी जा रही राहत और विकल्प
Air India ने प्रभावित यात्रियों के लिए कुछ राहत भरे कदम भी उठाए हैं:
बिना अतिरिक्त शुल्क के टिकट री-शेड्यूल करने की सुविधा
पूरा रिफंड लेने का विकल्प
डिजिटल प्लेटफॉर्म और कस्टमर सपोर्ट के जरिए मदद
एयरलाइन यात्रियों से लगातार संपर्क कर रही है और स्थिति के अनुसार अतिरिक्त उड़ानें चलाने पर भी विचार कर रही है।
वैश्विक स्तर पर भी असर
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का असर सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है।
कई फ्लाइट्स को लंबा रास्ता अपनाना पड़ रहा है
टिकट के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं
एयरलाइंस को भारी ईंधन लागत का सामना करना पड़ रहा है
सरकार भी अलर्ट मोड में
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भारत सरकार भी लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। उच्च स्तर पर बैठकें हो रही हैं और देश के हितों को सुरक्षित रखने के लिए रणनीति बनाई जा रही है।
आगे क्या?
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ता है, तो उड़ानों की संख्या और घट सकती है और किराए में और बढ़ोतरी हो सकती है। फिलहाल एयर इंडिया का यह कदम यात्रियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है, लेकिन स्थिति पूरी तरह सामान्य होने में अभी समय लग सकता है।






