1 अप्रैल से बदल जाएंगे ATM नियम: अब कैश निकालना होगा महंगा या आसान? जानिए पूरा सच
Share your love

संवाद 24 नई दिल्ली। नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ ही देशभर में बैंकिंग से जुड़े कई बड़े बदलाव लागू होने जा रहे हैं। 1 अप्रैल से एटीएम (ATM) से पैसे निकालने के नियमों में भी अहम बदलाव होने वाला है, जिसका सीधा असर आम लोगों की जेब और दैनिक लेन-देन पर पड़ेगा। खासतौर पर HDFC Bank, पंजाब नेशनल बैंक (PNB) और जियो पेमेंट्स बैंक जैसे प्रमुख संस्थानों ने अपने नियमों में बदलाव की घोषणा की है। इन नए नियमों के तहत कैश निकालने की लिमिट, फ्री ट्रांजैक्शन की संख्या और अतिरिक्त शुल्क जैसी कई चीजें बदल जाएंगी। ऐसे में ग्राहकों के लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि अब एटीएम का इस्तेमाल कैसे और कितना करना फायदेमंद रहेगा।
UPI से ATM निकासी भी अब फ्री लिमिट में शामिल
सबसे बड़ा बदलाव HDFC Bank की ओर से किया गया है। अब तक UPI के जरिए ATM से निकाले गए पैसे को अलग कैटेगरी में रखा जाता था, लेकिन 1 अप्रैल से इसे भी मासिक फ्री ट्रांजैक्शन लिमिट में जोड़ा जाएगा। इसका मतलब यह है कि अगर आप UPI के जरिए बार-बार ATM से पैसे निकालते हैं, तो आपकी फ्री लिमिट जल्दी खत्म हो सकती है। लिमिट पार होने के बाद हर ट्रांजैक्शन पर करीब ₹23 (टैक्स अलग) शुल्क देना होगा।
PNB ने घटाई रोजाना निकासी सीमा
पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने अपने ग्राहकों के लिए एक और बड़ा बदलाव किया है। अब कुछ डेबिट कार्ड पर रोजाना कैश निकालने की सीमा घटाकर ₹50,000 से ₹75,000 के बीच कर दी गई है।
पहले यह सीमा कुछ कार्ड्स पर ₹1 लाख या उससे अधिक थी। ऐसे में जो लोग बड़े अमाउंट में कैश निकालते हैं, उन्हें अब अपनी योजना बदलनी पड़ेगी।
फ्री ATM ट्रांजैक्शन कम, चार्ज ज्यादा
कई बैंकों ने फ्री ATM ट्रांजैक्शन की सीमा को सख्त कर दिया है। आमतौर पर ग्राहकों को महीने में सीमित फ्री ट्रांजैक्शन मिलते हैं – इसके बाद हर निकासी पर शुल्क देना पड़ता है। नई व्यवस्था में यह देखा जा रहा है कि जैसे ही फ्री लिमिट खत्म होगी, हर अतिरिक्त ट्रांजैक्शन पर ₹23 तक का चार्ज लगाया जाएगा। इससे खासतौर पर उन लोगों पर असर पड़ेगा जो बार-बार ATM का उपयोग करते हैं।
अब बिना कार्ड के भी निकलेंगे पैसे
जियो पेमेंट्स बैंक ने ग्राहकों को एक नई सुविधा दी है। अब QR कोड के जरिए बिना ATM कार्ड के भी पैसे निकाले जा सकेंगे। इस सुविधा में ग्राहक UPI ऐप से QR कोड स्कैन कर ट्रांजैक्शन को ऑथराइज करेगा और फिर कैश प्राप्त कर सकेगा। यह डिजिटल बैंकिंग की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने की कोशिश
विशेषज्ञों का मानना है कि इन बदलावों का मकसद लोगों को कैश के बजाय डिजिटल पेमेंट की ओर प्रेरित करना है। बैंक अब एटीएम उपयोग को सीमित करके और शुल्क बढ़ाकर यह संकेत दे रहे हैं कि भविष्य डिजिटल लेन-देन का है।
आम आदमी पर क्या होगा असर?
इन नए नियमों का सबसे ज्यादा असर आम ग्राहकों पर पड़ेगा।
बार-बार ATM इस्तेमाल करने पर खर्च बढ़ेगा
बड़ी रकम निकालना मुश्किल हो सकता है
डिजिटल पेमेंट का उपयोग बढ़ाना पड़ेगा
हालांकि, जो लोग पहले से UPI और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन का इस्तेमाल करते हैं, उनके लिए यह बदलाव ज्यादा परेशानी नहीं लाएंगे।
क्या करें ग्राहक?
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि:
अपने बैंक की नई लिमिट जरूर चेक करें
ATM ट्रांजैक्शन को सीमित रखें
डिजिटल पेमेंट का अधिक उपयोग करें
फ्री लिमिट का सही तरीके से इस्तेमाल करें
निष्कर्ष
1 अप्रैल से लागू होने वाले ये नए ATM नियम आपकी बैंकिंग आदतों को बदल सकते हैं। जहां एक ओर कैश निकालना महंगा और सीमित हो सकता है, वहीं दूसरी ओर डिजिटल बैंकिंग को और बढ़ावा मिलेगा। ऐसे में समझदारी इसी में है कि आप समय रहते इन बदलावों को समझें और अपने लेन-देन की रणनीति को उसी हिसाब से ढाल लें।






