मौसम का ‘महा-यू-टर्न’: 20 राज्यों में हाई अलर्ट, कहीं आसमानी आफत तो कहीं झुलसाने वाली गर्मी

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संवाद 24 नई दिल्ली। देश के मौसम ने एक ऐसा करवट लिया है जिसने वैज्ञानिकों और आम जनता दोनों को हैरत में डाल दिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तर भारत से लेकर दक्षिण तक के लिए एक साथ ‘डबल अटैक’ वाली चेतावनी जारी की है। एक तरफ जहां पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी और मैदानी इलाकों में भारी बारिश ने ‘आसमानी आफत’ का रूप ले लिया है, वहीं दूसरी ओर देश के कई राज्य भीषण हीटवेव (लू) की चपेट में आने वाले हैं।

उत्तर भारत में कुदरत का कहर: दिल्ली-NCR से कश्मीर तक अलर्ट
IMD के ताजा बुलेटिन के अनुसार, एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कारण उत्तर भारत के मौसम में भारी उथल-पुथल मची हुई है। दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब में धूल भरी तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की संभावना जताई गई है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊपरी इलाकों में भारी हिमपात (Snowfall) का सिलसिला जारी है, जिससे मैदानी इलाकों में ठंडी हवाएं चल रही हैं। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी करते हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।

यूपी-बिहार में गर्मी और बारिश की ‘जुगलबंदी’
उत्तर प्रदेश और बिहार के कई जिलों में मौसम दोतरफा वार कर रहा है। दिन के समय सूरज की तपिश लोगों को झुलसा रही है, तो शाम होते ही काले बादलों का डेरा और ओलावृष्टि (Hailstorm) फसलों को नुकसान पहुँचा रही है। संवाद 24 को मिली जानकारी के अनुसार, लखनऊ और पटना के आसपास के क्षेत्रों में अगले 48 घंटों में तेज गर्जना के साथ बौछारें पड़ने की उम्मीद है, जिससे तापमान में 3 से 4 डिग्री की गिरावट आ सकती है।

दक्षिण और मध्य भारत में लू का तांडव
एक तरफ उत्तर भारत भीग रहा है, तो दूसरी तरफ मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में पारा 40 डिग्री के पार पहुँच चुका है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ दिनों में इन राज्यों में भीषण ‘हीटवेव’ की स्थिति बनी रहेगी। दोपहर के समय लू के थपेड़े जनजीवन को प्रभावित कर सकते हैं। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि इस दौरान हाइड्रेटेड रहें और बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें।

किसानों की बढ़ी चिंता
इस बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने सबसे ज्यादा किसानों की कमर तोड़ दी है। गेहूं और सरसों की तैयार खड़ी फसलों पर बारिश और तेज हवाओं का साया मंडरा रहा है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि बारिश और ओलावृष्टि का यह दौर लंबा खिंचा, तो उत्पादन पर बुरा असर पड़ सकता है।

क्या है IMD की सलाह?
मौसम विभाग ने पर्यटकों को पहाड़ी इलाकों की यात्रा टालने की सलाह दी है, क्योंकि भूस्खलन (Landslide) और भारी बर्फबारी के कारण रास्ते बंद होने का खतरा है। वहीं, मैदानी इलाकों में बिजली चमकने के दौरान पेड़ों के नीचे न खड़े होने की सख्त हिदायत दी गई है।

Madhvi Singh
Madhvi Singh

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