मौसम का महाअलर्ट: उत्तर भारत में कुदरत का ‘रौद्र रूप’, दिल्ली से बिहार तक भारी बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी

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संवाद 24 नई दिल्ली। उत्तर भारत के मौसम ने एक बार फिर खौफनाक करवट बदल ली है, जिससे मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ों तक हड़कंप मच गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने एक ताजा और बेहद गंभीर बुलेटिन जारी करते हुए दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान सहित कई राज्यों में भारी बारिश, आंधी-तूफान और ओलावृष्टि का ‘महाअलर्ट’ जारी किया है। एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव के चलते अगले 48 से 72 घंटे उत्तर भारत के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण होने वाले हैं।

आसमान से बरसेगी आफत: 70 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग के अनुसार, इस नए विक्षोभ के सक्रिय होने से उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के बड़े हिस्से में मौसम का मिजाज पूरी तरह बिगड़ गया है। दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में शुक्रवार सुबह से ही बादलों का डेरा है, और रात तक गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश की प्रबल संभावना जताई गई है। सबसे ज्यादा चिंता का विषय हवा की गति है; अनुमान है कि उत्तर प्रदेश और हरियाणा के कई जिलों में 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी हवाएं और धूल भरी आंधी चल सकती है।

ओलावृष्टि और बिजली गिरने का डबल अटैक
मौसम विभाग ने न केवल बारिश, बल्कि उत्तर भारत के लिए एक और गंभीर चेतावनी जारी की है। पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तरी राजस्थान के कई हिस्सों में मध्यम से भारी ओलावृष्टि (Hailstorm) की चेतावनी दी गई है। यह स्थिति किसानों के लिए एक बड़ा खतरा पैदा कर रही है, क्योंकि तेज हवाओं और ओलावृष्टि से रबी की फसलों (जैसे गेहूं, सरसों और चना) को भारी नुकसान हो सकता है। साथ ही, आईएमडी ने आकाशीय बिजली गिरने (Lightning Strike) के प्रति भी सचेत किया है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे खराब मौसम के दौरान घरों में रहें और पेड़ों, बिजली के खंभों या मोबाइल टावरों के पास जाने से बचें। विशेषकर पहाड़ी इलाकों में बिजली गिरने का खतरा अधिक बताया गया है।

पहाड़ों पर भारी बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश का ‘चक्र’
पश्चिमी विक्षोभ का सबसे ज्यादा असर जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है। इन राज्यों के उच्च ऊंचाई वाले इलाकों में पिछले 24 घंटों से भारी बर्फबारी (Heavy Snowfall) और मैदानी हिस्सों में बारिश जारी है। बर्फबारी के चलते कई राष्ट्रीय राजमार्ग और संपर्क मार्ग बंद हो गए हैं, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
उत्तराखंड के चमोली, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ और केदारनाथ-बद्रीनाथ धाम जैसे इलाकों में जबरदस्त बर्फबारी की खबर है। इससे न केवल तापमान में भारी गिरावट आई है, बल्कि स्थानीय लोगों और पर्यटकों की मुसीबतें भी बढ़ गई हैं। जिला प्रशासन ने लोगों को एहतियात बरतने और अनावश्यक यात्रा न करने की सलाह दी है। पहाड़ों की ओर जाने वाले पर्यटकों के लिए यह चेतावनी विशेष रूप से जारी की गई है।

किसानों की सांसें अटकीं: फसलों पर मंडराया संकट
उत्तर भारत के किसानों के लिए मौसम का यह रौद्र रूप एक बड़ी मुसीबत बनकर आया है। इस समय रबी की फसलें पककर लगभग तैयार हैं और उनकी कटाई का समय नजदीक आ रहा है। ऐसे में तेज बारिश, आंधी और ओलावृष्टि फसल को पूरी तरह बर्बाद कर सकती है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, तेज हवाओं से गेहूं की फसल खेत में ही गिर सकती है, जिससे उसकी गुणवत्ता और पैदावार दोनों कम हो जाएंगी। वहीं, ओलावृष्टि सरसों और चने की फसल को सीधे तौर पर नष्ट कर सकती है। किसानों ने प्रशासन से फसल नुकसान के आकलन और मदद की अपील की है।

दिल्ली-एनसीआर और आसपास का हाल: प्रशासन अलर्ट पर
दिल्ली-एनसीआर में भी मौसम का असर दिखना शुरू हो गया है। शुक्रवार सुबह तेज धूप खिली थी, लेकिन दोपहर होते-होते आसमान में काले घने बादल छा गए। मौसम विभाग का अनुमान है कि शाम या रात को दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद में तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश और कुछ जगहों पर ओले भी गिर सकते हैं। इस अलर्ट के बाद संबंधित राज्यों के जिला प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है। आपदा प्रबंधन टीमों (Disaster Management Teams) को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है। विशेषकर उत्तर प्रदेश और बिहार के जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे बिजली गिरने और फसलों के नुकसान पर नजर रखें।

आगामी दिनों का अनुमान: कब मिलेगी राहत?
मौसम विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक ने बताया कि यह पश्चिमी विक्षोभ वर्तमान में पाकिस्तान और उससे सटे पंजाब के ऊपर सक्रिय है। इसका प्रभाव शनिवार शाम या रविवार सुबह तक जारी रहने की संभावना है। हालांकि, रविवार से मौसम में धीरे-धीरे सुधार होना शुरू हो जाएगा, लेकिन तापमान में गिरावट बनी रहेगी। सोमवार से उत्तर भारत में धूप खिलने और तापमान में वृद्धि की उम्मीद की जा सकती है। लेकिन तब तक, प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों से पूरी सावधानी बरतने और मौसम के हर अपडेट पर नजर रखने की अपील की है। विशेष रूप से किसानों और पहाड़ी इलाकों की यात्रा करने वाले लोगों को सबसे ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है।

Madhvi Singh
Madhvi Singh

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