खुशखबरी: रसोई गैस के संकट से मिलेगी मुक्ति, समंदर के रास्ते भारत पहुंचा ‘शिवालिक’, अब ‘नंदा देवी’ की बारी
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संवाद 24 नई दिल्ली। देश में पिछले कुछ समय से गहराते जा रहे एलपीजी (LPG) संकट के बीच एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। ईरान सरकार की विशेष अनुमति के बाद, संकट के बादलों को चीरते हुए भारतीय जहाज ‘शिवालिक’ सोमवार शाम गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर सुरक्षित पहुंच गया है। लाखों टन रसोई गैस से लदा यह जहाज भारत के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है। पेट्रोलियम मंत्रालय की मानें तो इसके आने से देश में गैस की किल्लत काफी हद तक कम हो जाएगी।
होर्मुज के रास्ते आई राहत की लहर
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से जहाजों का निकलना दूभर हो गया था। ऐसे चुनौतीपूर्ण समय में भारत ने कूटनीतिक जीत हासिल करते हुए ईरान से विशेष रास्ता मांगा। ‘शिवालिक’ उसी रास्ते से होते हुए एलपीजी की भारी खेप लेकर मुंद्रा पोर्ट पहुंचा है। बंदरगाह पर जहाज के पहुंचते ही प्रशासन ने पलक झपके बिना सारी कागजी कार्रवाई पूरी कर ली ताकि बिना किसी देरी के गैस को तेल रिफाइनरियों के डिपो तक भेजा जा सके।
आज ‘नंदा देवी’ और ‘जग लाडली’ देंगे दस्तक
राहत का यह सिलसिला यहीं नहीं रुकने वाला है। मंगलवार को एक और विशाल जहाज ‘नंदा देवी’ भारतीय बंदरगाह पर लंगर डालेगा। इसके साथ ही, यूएई (UAE) से 81 हजार टन कच्चा तेल लेकर ‘जग लाडली’ नामक जहाज भी आज ही भारत पहुंच रहा है। इन तीनों जहाजों के आगमन से न केवल रसोई गैस, बल्कि कच्चे तेल की आपूर्ति भी सुचारू हो जाएगी। जहाजरानी मंत्रालय ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ किया कि आने वाले दिनों में ईंधन की स्थिति में और सुधार देखने को मिलेगा।
कालाबाजारी पर सरकार की टेढ़ी नजर
एक तरफ जहां आपूर्ति बढ़ाई जा रही है, वहीं दूसरी तरफ सरकार कालाबाजारी को लेकर सख्त हो गई है। पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि देश में पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कोई कमी नहीं है, लेकिन एलपीजी को लेकर कुछ इलाकों में वितरण संबंधी समस्याएं देखी गई हैं। इसे देखते हुए केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर काम कर रही हैं। राजस्थान, मध्य प्रदेश, बिहार और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में पुलिस ने छापेमारी कर अवैध रूप से जमा किए गए सिलेंडरों को जब्त करना शुरू कर दिया है। सरकार का स्पष्ट निर्देश है कि घरेलू गैस की सप्लाई में किसी भी तरह की बाधा डालने वालों पर रासुका जैसी कड़ी कार्रवाई की जाए।
कूटनीति और चुनौती का खेल
अभी भी होर्मुज के पश्चिमी हिस्से में 22 भारतीय जहाज फंसे हुए हैं। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने स्पष्ट किया कि हालांकि ईरान के साथ बातचीत का सकारात्मक असर हुआ है, लेकिन अभी तक सभी जहाजों को निकालने का कोई ठोस समझौता नहीं हुआ है। भारत इस मुद्दे पर बेहद संभलकर कदम उठा रहा है और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस प्रस्ताव से दूरी बनाए हुए है जिसमें होर्मुज में सैन्य हस्तक्षेप की बात कही गई थी। भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा के लिए सैन्य बल के बजाय कूटनीतिक बातचीत पर भरोसा कर रहा है।
आम जनता को क्या होगा फायदा?
सरकारी तेल कंपनियों ने एलपीजी उत्पादन में 36 फीसदी की बढ़ोतरी की है। ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’ के आने के बाद डिपो में स्टॉक फुल हो जाएगा, जिससे वितरकों के पास सिलेंडरों की वेटिंग कम होगी। वाणिज्यिक गैस (Commercial LPG) के लिए राज्यों को स्थानीय स्तर पर फैसला लेने की छूट दी गई है ताकि होटल और उद्योगों को उनकी जरूरत के अनुसार आवंटन मिल सके।






