मौत का गहरा गड्ढा: गुरुग्राम में निर्माणाधीन साइट पर 7 मजदूरों की दर्दनाक मौत
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संवाद 24 हरियाणा। हाई-टेक शहर गुरुग्राम से एक ऐसी रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर सामने आई है, जिसने कॉर्पोरेट जगत की संवेदनहीनता और मजदूरों की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। सिधरावली के पास ‘सिग्नेचर ग्लोबल’ की निर्माणाधीन साइट पर सोमवार रात मिट्टी धंसने से सात मासूम मजदूरों की जान चली गई। आरोप है कि अपनी साख बचाने के चक्कर में कंपनी ने इस बड़े हादसे को न केवल छिपाने की कोशिश की, बल्कि घायलों और मृतकों को पास के अस्पतालों में ले जाने के बजाय पड़ोसी राज्य राजस्थान के भिवाड़ी भेज दिया, ताकि मामला दबा रहे।
अंधेरे में दफन हो गई सात जिंदगियां
हादसा सोमवार शाम करीब सात बजे हुआ। सिधरावली स्थित सिग्नेचर ग्लोबल की इस साइट पर प्लाटिंग और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) का काम चल रहा था। प्लांट के लिए करीब 50 फीट गहरा गड्ढा खोदा गया था, जिसमें 11 मजदूर नीचे उतरकर बेसमेंट का काम कर रहे थे। चश्मदीदों के अनुसार, गड्ढे के ठीक ऊपर एक भारी-भरकम रोड रोलर चलाया जा रहा था। रोलर के भारी दबाव और कंपन के कारण 90 डिग्री के कोण पर खुदी हुई कच्ची मिट्टी की विशाल चट्टान अचानक भरभरा कर नीचे गिर गई। पलक झपकते ही 11 मजदूर मिट्टी के नीचे दफन हो गए।
इंसानियत शर्मसार: अस्पताल के बजाय बॉर्डर पार भेजने का खेल
इस घटना के बाद जो हुआ, वह और भी विचलित करने वाला है। हादसे की जानकारी मिलते ही बिल्डर और ठेकेदार ने प्रशासनिक मदद या पुलिस को सूचित करने के बजाय मामले को रफा-दफा करने का रास्ता चुना। गुरुग्राम के बिलासपुर में रमन मुंजाल जैसे बड़े निजी अस्पताल पास में ही थे, लेकिन कंपनी ने घायलों को वहां न ले जाकर राजस्थान के भिवाड़ी स्थित गीतांजलि अस्पताल भेज दिया। करीब ढाई घंटे तक गुरुग्राम पुलिस को इस बात की भनक तक नहीं लगने दी गई। मामला तब खुला जब रात नौ बजे भिवाड़ी पुलिस ने गुरुग्राम पुलिस को डेडबॉडी रिसीव करने की सूचना दी।
बाउंसरों का पहरा और मीडिया पर पाबंदी
घटनास्थल पर जब मीडियाकर्मी पहुंचे, तो वहां का नजारा किसी किले जैसा था। कंपनी ने मुख्य गेट पर 50 से ज्यादा बाउंसर तैनात कर दिए थे ताकि कोई भी अंदर जाकर सच न देख सके। स्थानीय लोगों और पत्रकारों को अंदर जाने से सख्ती से रोका गया। आरोप है कि यह सब इसलिए किया गया ताकि साइट पर बरती गई सुरक्षा चूकों के सबूत मिटाए जा सकें। जांच में सामने आया कि 50 फीट गहरे गड्ढे में न तो सुरक्षा नेट था और न ही मिट्टी को रोकने के लिए कोई मजबूत दीवार (Shoring/Bracing)।
झारखंड के 6 मजदूरों ने गंवाई जान
इस भीषण हादसे ने कई परिवारों के चिराग बुझा दिए। मृतकों में झारखंड के पूर्वी सिंहभूम के शिवशंकर, खूंटी के परमेश्वर महतो, धनंजय महतो, मंगल महतो, जमशेदपुर के भागीरथ गोप और संजीव गोप शामिल हैं। इसके अलावा राजस्थान के भरतपुर निवासी सुपरवाइजर सतीश की भी मौत हो गई। सतीश अपने परिवार का अकेला कमाने वाला सदस्य था, जिसके पीछे उसकी पत्नी और 5 साल का मासूम बेटा रह गया है।
पुलिस की कार्रवाई और कंपनी का बचाव
मामले की गंभीरता को देखते हुए बिलासपुर थाना पुलिस ने सिग्नेचर ग्लोबल कंपनी, बालाजी कंस्ट्रक्शन, ठेकेदार दीनदयाल शर्मा, प्रोजेक्ट इंचार्ज और सेफ्टी ऑफिसर सहित छह लोगों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या (IPC/BNS की संबंधित धाराएं) और लापरवाही का मामला दर्ज किया है। वहीं, सिग्नेचर ग्लोबल ने एक बयान जारी कर पूरी जिम्मेदारी ठेकेदार पर डाल दी है और तीन कर्मचारियों को सस्पेंड करने का दावा किया है।






