राज्यसभा चुनाव से पहले भाजपा की बड़ी रणनीति
Share your love

आगामी राज्यसभा चुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी राजनीतिक रणनीति को और मजबूत करना शुरू कर दिया है। 10 राज्यों की 37 सीटों पर होने वाले चुनाव से पहले भाजपा ने तीन महत्वपूर्ण राज्यों—बिहार, हरियाणा और ओडिशा—में केंद्रीय पर्यवेक्षकों की नियुक्ति कर दी है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि इन पर्यवेक्षकों की निगरानी में चुनावी प्रक्रिया और बेहतर ढंग से संचालित होगी तथा विधायकों के साथ समन्वय मजबूत रहेगा।
बिहार में दो वरिष्ठ नेताओं को मिली जिम्मेदारी
पार्टी द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार बिहार में पर्यवेक्षक के रूप में छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा को नियुक्त किया गया है। इन नेताओं को राज्य में पार्टी विधायकों के साथ तालमेल बनाए रखने, रणनीति को लागू करने और चुनावी प्रक्रिया की निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है।
हरियाणा और ओडिशा के लिए भी तय किए गए पर्यवेक्षक
भाजपा नेतृत्व ने हरियाणा के लिए गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। वहीं ओडिशा में महाराष्ट्र सरकार के मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। पार्टी के अनुसार इन नेताओं का मुख्य कार्य चुनाव के दौरान संगठनात्मक अनुशासन बनाए रखना और विधायकों के साथ समन्वय स्थापित करना होगा।
16 मार्च को होगा मतदान
चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार राज्यसभा की इन सीटों के लिए मतदान 16 मार्च को होगा। देश के 10 राज्यों—महाराष्ट्र, ओडिशा, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और तेलंगाना—से चुने गए कुल 37 सांसदों का कार्यकाल अप्रैल में समाप्त हो रहा है, जिसके बाद इन सीटों पर नए सदस्यों का चुनाव किया जाएगा।
नामांकन प्रक्रिया पूरी, अब चुनावी मुकाबले पर नजर
राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन की अंतिम तिथि 5 मार्च थी, जबकि 6 मार्च को नामांकन पत्रों की जांच की गई। उम्मीदवारों को 9 मार्च तक नामांकन वापस लेने का अवसर दिया गया। इसके बाद अब सभी दलों की नजर 16 मार्च को होने वाली मतदान प्रक्रिया पर टिकी हुई है।
बिहार और हरियाणा की सीटों पर खास नजर
बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए मतदान होना है, जहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को राज्यसभा भेजे जाने की चर्चा ने राज्य की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। वहीं हरियाणा में दो सीटों पर चुनाव होने हैं, जिन्हें लेकर राजनीतिक दल अपनी रणनीति मजबूत करने में जुटे हैं।






