आखिर क्यों बदल गया जमीन विवाद एक परिवार के खून में रंगे कांड में
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संवाद 24 उत्तर प्रदेश। बहराइच जिले के रुपईडीहा थाना क्षेत्र के बसंतपुर उदल गांव में 1–2 मार्च की दरमियाना रात एक ऐसा दर्दनाक व दिल दहला देने वाला हत्याकांड सामने आया, जिसने पूरे इलाके को झकझोर दिया। जमीन के सौदे और पैसों के बंटवारे को लेकर शुरू हुआ पारिवारिक विवाद देर रात अचानक कुल्हाड़ी से हत्या तक जा पहुंचा, जिसमें चार लोगों की जान चली गई और एक बड़ा भाई भी गंभीर रूप से घायल हो गया। यह घटना लगभग रात 12:30 बजे हुई, जब पूरा गांव गहरी नींद में था। अचानक घर के भीतर चीख-पुकार सुनाई दी और जल्द ही ग्रामीणों ने खून से लथपथ आंगन देखा। मौके पर मौजूद पुलिस ने चार लाशों को सोमवार तड़के जिला अस्पताल भेज दिया, जबकि दो घायल को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। प्रारंभिक जानकारी में मृतकों में बडलूराम (62), संजू देवी (60), पार्वती (20) और शिताला (82) शामिल हैं, जिनमें पति-पत्नी, मां-बेटी और दादी जैसी रिश्तेदारी शामिल थी।
क्या था विवाद की वजह?
स्थानीय पुलिस और ग्रामीणों के मुताबिक, विवाद जमीन की बिक्री और गहनों की रकम के बंटवारे को लेकर शुरू हुआ था। परिवार का युवा सदस्य निरंकार अपने पिता से उस पैसे की मांग कर रहा था, जो जमीन बेचकर मिला था। बातचीत में जब संतोषजनक समाधान नहीं निकला और पैसों को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी बढ़ती गई, तो वह आवेश में ऐसा कांड कर बैठा जिससे पूरा परिवार तबाह हो गया।
कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ हमला
गांव के लोगों के बयानों के अनुसार, निरंकार ने घर में रखी कुल्हाड़ी उठाई और अपने सो रहे पिता बडलूराम, मां संजू देवी, बहन पार्वती और दादी शिताला पर एक-एक कर वार किए। तब तक जब तक बाहर के लोग अंदर पहुंचे, तब तक घर का आंगन खून से लाल हो चुका था। इस हमले में बड़ा भाई गुरुदेव (40) भी गंभीर रूप से घायल हुआ। आरोपी निरंकार ने खुद को भी ईंट से मारकर घायल कर लिया, लेकिन ग्रामीणों ने उसे बचाया। पुलिस और ग्रामीण दोनों ने कहा कि घटना बेहद आक्रामक और भयावह रूप ले चुकी थी।
पुलिस और फोरेंसिक टीम की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक एसपी राम नयन सिंह, फोरेंसिक टीम और स्थानीय अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। मौके से हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी सहित साक्ष्य बरामद किए गए और जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने निरंकार के खिलाफ हत्या सहित गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर लिया है और अभी विस्तृत पूछताछ जारी है। घायल खेमें को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से आगे के उपचार के लिए लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर किया गया है।
गाँव में दहशत और परिवार का पतन
यह कांड बहराइच इलाके के ग्रामीणों के लिए एक सदमे जैसा है। लोग यह सोचकर स्तब्ध हैं कि कोई सामान्य-सी पारिवारिक बात कैसे इतनी भयंकर हिंसा का रूप ले सकती है। समाजशास्त्रियों का मानना है कि जमीन, संपत्ति और पैसों को लेकर मतभेद अत्यधिक तनाव पैदा करते हैं, खासकर ग्रामीण इलाकों में जहां पारिवारिक एकता पर किसी भी तरह का विभाजन गहरे प्रभाव डाल सकता है। स्थानीय पुलिस ने कहा है कि शांति-व्यवस्था बनाए रखने और आगे के किसी अप्रिय घटना से बचने के लिए भारी गोला-बारूद के साथ टीम तैनात की गई है। परिवार के बचे सदस्यों और आसपास के लोगों से पूछताछ जारी है ताकि मामले के हर पहलू पर स्पष्टता लायी जा सके।






