तमिलनाडु में मानवता शर्मसार: मासूम से दरिंदगी की घटना ने झकझोर दिया देश, कानून के शिकंजे में सत्ताधारी दल से जुड़ा आरोपी
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संवाद 24 तमिलनाडु। एक ऐसी दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है जिसने पूरे समाज और मानवता को शर्मसार कर दिया है। राज्य के तिरुवरूर जिले में एक ढाई साल की मासूम बच्ची के साथ हुई हैवानियत ने सुरक्षा और नैतिकता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मामले की गंभीरता इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि आरोपी का संबंध राज्य की सत्ताधारी पार्टी डीएमके (DMK) की यूथ विंग से बताया जा रहा है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन इस घटना के बाद से स्थानीय जनता में भारी आक्रोश व्याप्त है।
विश्वास के रिश्ते का कत्ल और हैवानियत की इंतिहा
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी व्यक्ति अपनी लिव-इन पार्टनर के साथ रह रहा था। पीड़िता आरोपी की उसी पार्टनर की महज ढाई साल की छोटी बेटी है। जिस व्यक्ति पर बच्ची की सुरक्षा की जिम्मेदारी थी, उसी ने विश्वास के इस रिश्ते को कलंकित करते हुए मासूम के साथ दरिंदगी को अंजाम दिया। घटना तब प्रकाश में आई जब बच्ची की हालत बिगड़ने लगी और उसकी माँ को कुछ संदिग्ध महसूस हुआ। अस्पताल में शुरुआती जांच के बाद डॉक्टरों ने यौन शोषण की पुष्टि की, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। मासूम की स्थिति को देखते हुए उसे विशेष चिकित्सा निगरानी में रखा गया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो (POCSO) एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है।
राजनीतिक गलियारों में हलचल और कड़ी कार्रवाई की मांग
जैसे ही यह बात सामने आई कि आरोपी डीएमके (DMK) यूथ विंग का सदस्य है, वैसे ही यह मामला राजनीतिक रूप से भी गरमा गया। विपक्षी दलों ने सरकार को घेरते हुए आरोप लगाया है कि सत्ता के संरक्षण में इस तरह के अपराधियों के हौसले बुलंद हो रहे हैं। हालांकि, पार्टी के स्थानीय नेतृत्व और प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून के सामने कोई भी बड़ा नहीं है और आरोपी के खिलाफ सबसे सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। महिला और बाल अधिकार कार्यकर्ताओं ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मांग की है कि ऐसे मामलों में ‘फास्ट ट्रैक कोर्ट’ के जरिए जल्द से जल्द सजा दी जानी चाहिए ताकि समाज में एक कड़ा संदेश जाए। यह घटना इस बात की ओर भी इशारा करती है कि बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों को रोकने के लिए केवल कानून पर्याप्त नहीं है, बल्कि सामाजिक जागरूकता और कड़ी निगरानी की भी अत्यधिक आवश्यकता है।
समाज के लिए एक बड़ा सबक और सुरक्षा की चुनौती
ढाई साल की बच्ची के साथ हुई यह क्रूरता बताती है कि आज के दौर में मासूम अपने घर के भीतर भी सुरक्षित नहीं हैं। यह घटना उन सभी अभिभावकों और समाज के ठेकेदारों के लिए एक चेतावनी है जो सुरक्षा के प्रति लापरवाह रहते हैं। तमिलनाडु के विभिन्न हिस्सों में इस घटना के विरोध में प्रदर्शन हो रहे हैं और जनता न्याय की गुहार लगा रही है।






