“कोलकाता में अचानक झटके! भूकंप से दहशत, घर-दफ्तर खाली कर सड़कों पर उमड़े लोग”
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संवाद 24 पश्चिम बंगाल । शुक्रवार दोपहर अचानक कोलकाता के आस-पास ज़मीन में हलचल महसूस हुई, और शहर के लोग अपने घरों, दफ्तरों और स्कूलों से बाहर निकलकर सुरक्षित खुले स्थानों की ओर भागते दिखाई दिए। यह भूकंप के अचानक आने का क्षण शहरवासियों के लिए चौंकाने वाला और भयावह रहा। घटना दोपहर लगभग 1:20 बजे के आसपास हुई, जब एक भूकंप के झटके महसूस किए गए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह भूकंप 5.4 की तीव्रता वाला था, जिससे सेंट्रल कोलकाता सहित आसपास के इलाकों में झटके महसूस हुए।
भूकंप की तीव्रता और उत्पत्ति
भूकंपीय गतिविधि का स्रोत पड़ोसी देश बांग्लादेश में दर्ज किया गया, जहां से यह झटके कोलकाता तक पहुँचे। इन झटकों ने भारी इमारतों में हलचल महसूस कराई और कुछ लोगों ने बताया कि फर्श और दीवारें भी थरथरा उठीं। हालांकि, अभी तक किसी भी बड़े पैमाने पर जान-माल के नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है।
हड़कंप के क्षण
भूकंप का असर शहर के जीवंत जीवन पर तुरंत नजर आया। कोलकाता के कई कार्यालयों, अपार्टमेंटों और व्यस्त बाजारों से लोग अचानक सड़कों पर आ गए, कुछ परिवार अपने घरों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थानों पर इकट्ठा हुए। लोगों ने बताया कि झटके ऐसे थे कि छत पर लगे पंखे भी हिलने लगे और कुछ खिड़कियों के कांच भी कंपन महसूस कर रहे थे। कई कर्मचारियों ने बताया कि जैसे ही झटके लगे, ऑफिसों में हड़कंप मच गया और कर्मचारियों ने आरामदायक से ही बाहर निकलकर खाली मैदानों तथा सड़कों पर जमा होना सुरक्षित समझा।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएँ
सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर लोग अपनी प्रतिक्रियाएँ साझा करते दिखाई दिए। कुछ लोगों ने वीडियो और तस्वीरें पोस्ट कीं, जिनमें फर्नीचर और पंखे के झटकों के क्षण दिखाए गए। अनेक लोगों ने लिखा कि यह भूकंप उनके अनुभव में सबसे अजीब और अचानक था, और कई ने इसे “डरावना पल” बताया।
एक निवासी ने सोशल मीडिया पर भी लिखा कि “हम सोफे पर बैठे थे कि अचानक कमरे में हलचल महसूस हुई, पंखा घूमने लगा और लोग डर कर बाहर दौड़े।”
जीवन सामान्य लेकिन सतर्कता जारी
हालाँकि अब तक किसी गंभीर जानहानि या संपत्ति को क्षति की खबर नहीं आई है, स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों से संयम बरतने और आगामी दिनों में किसी भी भूकंपीय गतिविधि पर सतर्क रहने को कहा है। विशेषज्ञों ने यह भी कहा है कि पास के भूकंप-ज़ोन के कारण इस तरह की हल्की या मध्यम तीव्रता की भूकंपीय हलचल देखी जा सकती है। कुछ विशेषज्ञों का यह भी मत है कि यह झटके स्थानीय ज़मीन के भीतर तनाव मुक्त होने से पैदा होते हैं और भविष्य में और हल्की झटके की संभावना को भी नकारा नहीं जा सकता, इसलिए लोगों को भूकंप सुरक्षा उपायों को अपनाने की सलाह दी गई है।
क्या यह अकेली घटना है?
महत्वपूर्ण बात यह है कि हालांकि कोलकाता भूकंप के झटकों का केंद्र बांग्लादेश में था, इससे यह स्पष्ट होता है कि इलाके में भूकंपीय प्रभाव की उत्तेजना बढ़ सकती है, जो समय-समय पर झटके महसूस करा सकती है। पिछले कुछ वर्षों में दक्षिण और पूर्वी भारत में कई बार हल्की से मध्यम तीव्रता के भूकंप दर्ज हुए हैं, जिनके झटके कोलकाता जैसे शहरों तक भी महसूस हुए।






