पीएम मोदी का कांग्रेस पर बड़ा हमला: ‘दुनिया के सामने देश को किया शर्मसार’
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संवाद 24 नई दिल्ली। देश की राजधानी में आयोजित एक प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मेलन (Global AI Summit) के दौरान हुए एक हंगामे ने अब राजनीतिक गलियारों में भूचाल ला दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस वैश्विक मंच का उपयोग ‘गंदी राजनीति’ के लिए करने पर कांग्रेस पार्टी को आड़े हाथों लिया है। पीएम मोदी ने कड़े शब्दों में कहा कि जब भारत दुनिया को दिशा दिखाने के लिए बड़े आयोजन कर रहा है, तब कुछ लोग अपनी छोटी राजनीति के लिए देश की साख को दांव पर लगा रहे हैं।
क्या था पूरा मामला?
राजधानी में आयोजित ‘ग्लोबल एआई समिट’ के दौरान, जहाँ दुनिया भर के दिग्गज तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा कर रहे थे, वहाँ कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं ने ‘शर्टलेस’ (बिना शर्ट के) होकर विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन का उद्देश्य सरकार की कुछ नीतियों का विरोध करना था, लेकिन प्रधानमंत्री ने इसे देश की छवि पर हमला करार दिया है।
पीएम मोदी का तीखा प्रहार: ‘देश देख रहा है आपकी मानसिकता’
शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने इस घटना पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा, “जब पूरी दुनिया भारत की बढ़ती शक्ति और हमारी तकनीकी प्रगति की ओर देख रही है, तब कांग्रेस के साथियों ने एक बार फिर साबित कर दिया कि उनके लिए दल, देश से ऊपर है।” प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि अंतरराष्ट्रीय मेहमानों के सामने इस तरह का आचरण न केवल अशोभनीय है, बल्कि यह भारत के ‘अतिथि देवो भव:’ के संस्कार के भी खिलाफ है। उन्होंने इसे ‘डर्टी पॉलिटिक्स’ का चरम बताया और कहा कि विरोध करने के हजार लोकतांत्रिक तरीके हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश को नीचा दिखाना किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है।
ग्लोबल समिट की गरिमा और विपक्षी विरोध
यह शिखर सम्मेलन भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण था क्योंकि इसमें दुनिया भर के टेक-लीडर्स, निवेशक और नीति-निर्माता भाग ले रहे थे। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आज एआई (AI) के क्षेत्र में दुनिया का नेतृत्व करने की क्षमता रखता है। ऐसे में इस तरह का प्रदर्शन दुनिया को यह संदेश देता है कि भारत के भीतर कुछ ताकतें देश की प्रगति को रोकना चाहती हैं। पीएम ने सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस के पास अब नीतियों पर बहस करने के लिए शब्द नहीं बचे हैं? क्या अब केवल ‘कपड़े उतारकर’ हंगामा करना ही विपक्ष की नई पहचान बन गई है? उन्होंने इसे विपक्षी हताशा का प्रतीक बताया।
राजनीतिक गलियारों में मचा हड़कंप
प्रधानमंत्री के इस बयान के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। भाजपा नेताओं का कहना है कि कांग्रेस ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत को ‘बदनाम’ करने की सुपारी ले रखी है। वहीं, कांग्रेस की ओर से सफाई दी जा रही है कि यह प्रदर्शन जनहित के मुद्दों को उठाने का एक तरीका था।
भारत की साख पर सवाल?
विशेषज्ञों का मानना है कि जब कोई देश वैश्विक शिखर सम्मेलनों की मेजबानी करता है, तो वहां की आंतरिक राजनीति को किनारे रखकर राष्ट्रीय एकता का परिचय देना चाहिए। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में इसी बात पर जोर दिया कि राजनीतिक विरोध संसद और सड़कों तक सीमित होना चाहिए, न कि अंतरराष्ट्रीय मेहमानों के स्वागत कक्ष तक।
विकास बनाम विनाश की राजनीति
पीएम मोदी ने अंत में युवाओं और वैज्ञानिकों को भरोसा दिलाया कि इस तरह की बाधाएं भारत की विकास यात्रा को नहीं रोक सकेंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जहाँ एक तरफ सरकार ‘विकसित भारत’ के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है, वहीं विपक्ष ‘विनाशकारी राजनीति’ में उलझा हुआ है। यह घटना निश्चित रूप से आने वाले चुनाव और संसद के सत्रों में एक बड़ा मुद्दा बनेगी। अब देखना यह है कि कांग्रेस इस ‘शर्टलेस’ प्रदर्शन के पीछे के तर्कों को जनता के सामने कैसे रखती है, क्योंकि प्रधानमंत्री ने इसे सीधे-सीधे ‘देश की साख’ से जोड़ दिया है।






