‘सिर्फ वोटर लिस्ट से नाम नहीं कटेगा, चुन-चुनकर देश से बाहर करेंगे घुसपैठिये’ – अमित शाह का हुंकार, घुसपैठ के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा एक्शन शुरू!
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संवाद 24 नई दिल्ली। देश की आंतरिक सुरक्षा और सीमाओं की मर्यादा को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक बार फिर अपना कड़ा रुख साफ कर दिया है। गृह मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि भारत की धरती पर अवैध रूप से रह रहे घुसपैठियों के दिन अब गिने-चुने रह गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार केवल मतदाता सूची (Voter List) से उनके नाम हटाकर शांत नहीं बैठेगी, बल्कि उन्हें चिन्हित कर देश की सीमाओं से बाहर खदेड़ने का काम भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ किया जाएगा।
वोट बैंक की राजनीति पर कड़ा प्रहार
नई दिल्ली में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक और सार्वजनिक संबोधन के दौरान अमित शाह ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि दशकों से घुसपैठ को ‘वोट बैंक’ की राजनीति के लिए इस्तेमाल किया गया है। उन्होंने कहा, “कुछ दल घुसपैठियों को अपना सुरक्षित वोट बैंक समझते हैं, इसलिए वे उनके खिलाफ कार्रवाई का विरोध करते हैं। लेकिन मोदी सरकार के लिए देश की सुरक्षा सर्वोपरि है, वोट बैंक नहीं।” गृह मंत्री ने साफ किया कि अवैध घुसपैठ न केवल देश के संसाधनों पर बोझ डालती है, बल्कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा (National Security Threat) भी है। उन्होंने बताया कि खुफिया इनपुट्स के आधार पर कई ऐसे नेटवर्क का पता चला है जो घुसपैठियों को फर्जी आधार कार्ड और राशन कार्ड बनवाने में मदद करते हैं।
वोटर लिस्ट से आगे की रणनीति
अमित शाह ने अपने संबोधन में एक महत्वपूर्ण बिंदु रेखांकित किया। उन्होंने कहा, “अक्सर यह माना जाता है कि मतदाता सूची से नाम हटा देना ही समाधान है। लेकिन हमारा लक्ष्य इससे कहीं बड़ा है। हम तकनीक और जमीन पर मौजूद सुरक्षा बलों के समन्वय से एक ऐसा तंत्र विकसित कर रहे हैं, जिससे घुसपैठियों की पहचान सुनिश्चित हो सके और उन्हें कानूनी प्रक्रिया के तहत उनके मूल देश वापस भेजा जा सके।” गृह मंत्री के इस बयान को NRC (राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर) और CAA (नागरिकता संशोधन अधिनियम) के कार्यान्वयन की दिशा में एक बड़े संकेत के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने सीमा सुरक्षा बल (BSF) और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को निर्देश दिए हैं कि वे सीमाओं पर गश्त और निगरानी को और अधिक सख्त करें ताकि भविष्य में घुसपैठ की शून्य संभावना रहे।
फर्जी दस्तावेजों के सिंडिकेट पर होगी सर्जिकल स्ट्राइक
गृह मंत्रालय अब उन ‘एजेंटों’ और ‘सिंडिकेट्स’ पर भी नकेल कसने की तैयारी में है जो बांग्लादेश और अन्य पड़ोसी देशों से आने वाले लोगों को भारतीय नागरिक के रूप में स्थापित करने का काला कारोबार करते हैं। अमित शाह ने कहा कि जो लोग इन घुसपैठियों को शरण देते हैं या उनके फर्जी दस्तावेज बनाने में मदद करते हैं, वे भी देशद्रोह के बराबर अपराध कर रहे हैं और उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।






