खतरे में आपकी सेहत! क्या कूड़े में फेंकी गई दवाइयां बन रही हैं ‘साइलेंट किलर’? जानें AMR का बढ़ता खौफ

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संवाद 24 नई दिल्ली । आधुनिक चिकित्सा पद्धति में एंटीबायोटिक दवाओं को जीवन रक्षक माना जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी एक छोटी सी लापरवाही इन दवाओं को बेअसर बना सकती है? उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने एक बेहद चौंकाने वाली चेतावनी जारी की है। विशेषज्ञों के अनुसार, घरों में बची हुई पुरानी एंटीबायोटिक दवाओं का गलत तरीके से निस्तारण (Disposal) और बिना डॉक्टरी सलाह के उनका सेवन न केवल आपके लिए बल्कि पूरे समाज के लिए ‘एएमआर’ (Antimicrobial Resistance) जैसा जानलेवा खतरा पैदा कर रहा है।

क्या है एएमआर (AMR) और क्यों है यह खतरनाक?
सरल शब्दों में कहें तो एएमआर वह स्थिति है जब शरीर में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया, वायरस और फंगस दवाओं के प्रति इतने प्रतिरोधी हो जाते हैं कि उन पर साधारण एंटीबायोटिक्स का कोई असर नहीं होता। गाजियाबाद में आयोजित एक जागरूकता कार्यक्रम के दौरान डॉक्टरों ने बताया कि जब लोग आधी-अधूरी दवा खाकर छोड़ देते हैं या एक्सपायर्ड दवाओं को सामान्य कूड़े में फेंक देते हैं, तो ये दवाएं मिट्टी और पानी के जरिए पर्यावरण में मिल जाती हैं। यहां से ये बैक्टीरिया के संपर्क में आती हैं, जिससे बैक्टीरिया खुद को दवाओं के खिलाफ मजबूत कर लेते हैं। परिणामस्वरुप, भविष्य में छोटी सी बीमारी के लिए भी कोई दवा काम नहीं करती।

गाजियाबाद में बढ़ता जोखिम: लापरवाही की हद
शहर के प्रमुख चिकित्सा केंद्रों और आईएमए (IMA) के सहयोग से हुए सर्वे में यह बात सामने आई है कि बड़ी संख्या में लोग पुराने पर्चों पर ही मेडिकल स्टोर से एंटीबायोटिक खरीद रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि 80 प्रतिशत वायरल संक्रमणों में एंटीबायोटिक की जरूरत ही नहीं होती, फिर भी लोग खुद से डॉक्टर बनकर इनका सेवन कर रहे हैं। सबसे भयावह स्थिति तब होती है जब दवा का कोर्स पूरा नहीं किया जाता। जैसे ही मरीज को थोड़ा आराम मिलता है, वह दवा बंद कर देता है। इससे शरीर के भीतर बचे हुए सूक्ष्मजीव ‘सुपरबग’ में तब्दील हो जाते हैं।

सावधानी ही एकमात्र बचाव
चिकित्सकों ने जनता से अपील की है कि एंटीबायोटिक दवाओं को कभी भी साधारण कचरे या सिंक में न बहाएं। इसके बजाय, बची हुई दवाओं को सुरक्षित तरीके से नष्ट करें या संबंधित दवा केंद्रों को वापस करें। याद रखें, बिना विशेषज्ञ की सलाह के ली गई एक गोली भी आपके भविष्य के इलाज को नामुमकिन बना सकती है। स्वास्थ्य विभाग अब इस मुद्दे पर सख्ती बरतने और मेडिकल स्टोरों पर बिना पर्चे की बिक्री (OTC Sales) को रोकने के लिए रणनीति तैयार कर रहा है।

Madhvi Singh
Madhvi Singh

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