हज 2026 की तैयारी: झारखंड के जायरीन सावधान! स्वास्थ्य जांच से लेकर टीकाकरण तक, भूलकर भी न करें ये गलती वरना रुक सकती है उड़ान

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संवाद 24 झारखंड। इबादत के मुकद्दस सफर यानी ‘हज’ पर जाने वाले झारखंड के जायरीनों के लिए उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। साल 2024 की हज यात्रा को लेकर राज्य हज कमेटी और स्वास्थ्य विभाग ने अपनी कमर कस ली है। इस बार यात्रा पर जाने वाले यात्रियों के लिए स्वास्थ्य जांच और अनिवार्य टीकाकरण (Vaccination) की प्रक्रिया में कुछ बड़े बदलाव किए गए हैं, जिनका पालन करना हर जायरीन के लिए अनिवार्य है। यदि इन नियमों में थोड़ी सी भी चूक हुई, तो महीनों की तैयारी और मुकद्दस सफर का सपना अधूरा रह सकता है।

स्वास्थ्य जांच शिविरों का आगाज: रांची में खास इंतजाम
झारखंड राज्य हज कमेटी के अनुसार, रांची समेत राज्य के विभिन्न जिलों से इस साल हजारों लोग हज के लिए रवाना होंगे। हज यात्रा के दौरान जायरीनों को शारीरिक रूप से फिट होना आवश्यक है, क्योंकि वहां की जलवायु और इबादत के दौरान होने वाली मेहनत के लिए शरीर का तैयार रहना जरूरी है। इसके लिए राजधानी रांची के रिम्स (RIMS) और जिला अस्पतालों में विशेष मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया है। जायरीनों को मशविरा दिया गया है कि वे अपने निर्धारित समय पर पहुंचकर मेडिकल चेकअप कराएं और फिटनेस सर्टिफिकेट प्राप्त करें।

टीकाकरण अनिवार्य: इन बीमारियों से सुरक्षा है जरूरी
सऊदी अरब सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय और भारत की हज कमेटी के निर्देशानुसार, हर जायरीन को ‘मेनिन्जाइटिस’ (Meningitis) और ‘इन्फ्लुएंजा’ जैसी बीमारियों के टीके लगवाना अनिवार्य है। इसके अलावा, पोलियो ड्रॉप्स और कोविड-19 के प्रोटोकॉल का भी ध्यान रखा जा रहा है। झारखंड में हज कमेटी ने स्पष्ट किया है कि टीकाकरण के बिना किसी भी यात्री को ‘हेल्थ कार्ड’ जारी नहीं किया जाएगा। यह कार्ड सऊदी अरब पहुंचने पर एयरपोर्ट पर दिखाना अनिवार्य होता है। इसके बिना प्रवेश वर्जित हो सकता है।

जायरीनों के लिए ट्रेनिंग कैंप का आयोजन
सिर्फ सेहत ही नहीं, बल्कि सफर के तौर-तरीकों को लेकर भी हज कमेटी सक्रिय है। रांची के हज हाउस में विशेष प्रशिक्षण शिविरों (Training Camps) की योजना बनाई गई है। इन शिविरों में जायरीनों को बताया जाएगा कि एहराम कैसे बांधना है, मक्का और मदीना में इबादत के दौरान किन बातों का ख्याल रखना है और आपात स्थिति में किससे संपर्क करना है। डिजिटल साक्षरता पर भी जोर दिया जा रहा है ताकि यात्री वहां ‘नुसुक’ (Nusuk) ऐप और अन्य तकनीकी सुविधाओं का उपयोग आसानी से कर सकें।

इस बार क्या है खास चुनौतियां?
झारखंड से जाने वाले यात्रियों के लिए इस बार मौसम एक बड़ी चुनौती हो सकता है। सऊदी अरब में बढ़ती गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जायरीनों को हाइड्रेटेड रहने और जरूरी दवाइयां साथ रखने की सलाह दी है। बुजुर्ग यात्रियों के लिए विशेष गाइडलाइन जारी की गई है, जिसमें उन्हें अपने साथ एक सहायक (खादिम) रखने या ग्रुप में चलने की हिदायत दी गई है।

दस्तावेजों की जांच में न बरतें ढिलाई
हज कमेटी के अधिकारियों ने अपील की है कि सभी जायरीन अपने पासपोर्ट, मेडिकल सर्टिफिकेट और टीकाकरण के कागजात को एक बार फिर से जांच लें। नाम की स्पेलिंग से लेकर जन्म तिथि तक, हर छोटी जानकारी का मिलान पासपोर्ट से होना चाहिए। किसी भी विसंगति की स्थिति में तुरंत रांची स्थित हज कमेटी कार्यालय से संपर्क करें ताकि समय रहते सुधार किया जा सके।

Madhvi Singh
Madhvi Singh

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