उत्तर भारत पर ‘तिहरा’ मौसमी हमला: पहाड़ों पर बर्फ का पहाड़, मैदानों में बारिश और कोहरे का डबल टॉर्चर!
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संवाद 24 नई दिल्ली। भारत के उत्तरी राज्यों में एक बार फिर कुदरत का कड़ा इम्तिहान शुरू हो गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 3 फरवरी 2026 के लिए एक बेहद गंभीर अलर्ट जारी किया है, जिसमें पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के कारण उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों में भारी बारिश, बर्फबारी और कड़ाके की ठंड की चेतावनी दी गई है। हिमालयी क्षेत्रों से आ रही बर्फीली हवाओं ने दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे मैदानी इलाकों को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया है।
हिमालय में ‘सफेद आफत’: द्रास में पारा -15 के पार
पहाड़ों पर पश्चिमी विक्षोभ का असर सबसे ज्यादा दिखाई दे रहा है। लद्दाख के द्रास में तापमान गिरकर शून्य से 15 डिग्री नीचे (-15°C) चला गया है, जबकि गुलमर्ग में भी पारा -8 डिग्री के आसपास बना हुआ है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊपरी इलाकों में भारी बर्फबारी का सिलसिला जारी है, जिससे कई नेशनल हाईवे और संपर्क मार्ग बंद हो गए हैं। कुल्लू और मनाली जैसे पर्यटन स्थलों ने पूरी तरह बर्फ की चादर ओढ़ ली है, जिससे पर्यटकों के लिए रोमांच तो बढ़ा है लेकिन स्थानीय जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
मैदानी इलाकों में ‘बारिश और शीतलहर’ का संगम
मौसम विभाग के अनुसार, पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी का सीधा असर उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के मैदानी इलाकों पर पड़ रहा है। दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में आज हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। दिल्ली में सुबह की शुरुआत घने कोहरे के साथ हुई है, जिससे विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम रह गई। दिल्ली-एनसीआर के कुछ हिस्सों में गरज के साथ बौछारें पड़ने की उम्मीद है, जिससे गलन और ज्यादा बढ़ेगी।
यूपी-बिहार में ‘ऑरेंज अलर्ट’ और शीतलहर का कहर
उत्तर प्रदेश और बिहार के लिए मौसम विभाग ने ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। प्रयागराज, वाराणसी, लखनऊ, कानपुर और अयोध्या समेत यूपी के कई जिलों में सर्द हवाओं के साथ बारिश की चेतावनी है। विशेष रूप से प्रयागराज के माघ मेले में पहुंचे श्रद्धालुओं को इस कड़ाके की ठंड और बारिश के बीच भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। बिहार में भी राजधानी पटना समेत कई जिलों में बादलों का डेरा है और शीतलहर की स्थिति बनी हुई है।
अगले 48 घंटे बेहद महत्वपूर्ण
आईएमडी के महानिदेशक के अनुसार, यह इस सीजन का एक दुर्लभ मौसमी पैटर्न है जिसमें एक साथ तीन पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहे हैं। इसका मतलब है कि 7 फरवरी तक मौसम में सुधार की गुंजाइश कम है। राजस्थान के 17 जिलों में ओलावृष्टि (Hailstorm) की चेतावनी भी दी गई है, जिससे फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। मध्य प्रदेश के भी करीब 20 जिलों में बारिश का दौर जारी रहने वाला है।






