दिल्ली-NCR पर ‘वेस्टर्न डिस्टर्बेंस’ का डबल अटैक: झमाझम बारिश के साथ लौट रही कड़ाके की ठंड, IMD का बड़ा अलर्ट!
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संवाद 24, नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों (NCR) में एक बार फिर मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है। पहाड़ों पर हो रही भारी बर्फबारी और सक्रिय हुए नए ‘पश्चिमी विक्षोभ’ (Western Disturbance) ने मैदानी इलाकों में हलचल तेज कर दी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी की है कि अगले 48 घंटों के भीतर दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम में झमाझम बारिश के साथ ठिठुरन वाली सर्दी की वापसी होने जा रही है।
31 जनवरी से 3 फरवरी तक भारी बारिश का अनुमान
मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार, एक तीव्र पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर रहा है। इसके प्रभाव से 31 जनवरी की रात से दिल्ली-NCR के आसमान में घने बादल छा जाएंगे और गरज-चमक के साथ बारिश का सिलसिला शुरू होगा। यह स्थिति 3 फरवरी तक बनी रह सकती है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि इस दौरान न केवल हल्की बूंदाबांदी, बल्कि कुछ इलाकों में मध्यम दर्जे की बारिश भी हो सकती है, जिससे तापमान में भारी गिरावट आएगी।
कोहरे और कोल्ड वेव का दोहरा खतरा
सिर्फ बारिश ही नहीं, बल्कि दिल्लीवासियों को घने कोहरे (Dense Fog) और शीत लहर (Cold Wave) का सामना भी करना पड़ेगा। IMD ने ‘येलो’ और कुछ क्षेत्रों के लिए ‘ऑरेंज’ अलर्ट जारी किया है। सुबह के समय विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम रह सकती है, जिसका सीधा असर रेल, सड़क और हवाई यातायात पर पड़ने की आशंका है। दिल्ली के सफदरजंग और पालम मौसम केंद्रों ने पहले ही तापमान में 4 से 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की है।
हवाओं की रफ्तार बढ़ाएगी ‘गलन’
बारिश के साथ-साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाएं लोगों की मुश्किलें और बढ़ाएंगी। इन बर्फीली हवाओं के कारण दिन के समय भी ‘कोल्ड डे’ (Cold Day) जैसी स्थिति बनी रहेगी। मौसम विभाग के अनुसार, “आने वाले तीन-चार दिनों में दिल्ली का न्यूनतम तापमान 6 से 8 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है, जबकि अधिकतम तापमान भी 18 डिग्री से नीचे जाने की संभावना है।”
उत्तर भारत के अन्य राज्यों का हाल
दिल्ली के अलावा उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी इस पश्चिमी विक्षोभ का व्यापक असर दिखेगा। उत्तर प्रदेश के पश्चिमी जिलों और लखनऊ समेत मध्य इलाकों में भी बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। पहाड़ों की बात करें तो हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में भारी हिमपात (Snowfall) का अलर्ट है, जिसके चलते वहां से आने वाली हवाएं मैदानी इलाकों में कंपकंपी पैदा करेंगी।
प्रदूषण से राहत, पर सेहत का रखें ख्याल
हालांकि, इस बारिश से दिल्ली की जहरीली हवा (AQI) में काफी सुधार होने की उम्मीद है। धूल और प्रदूषण के कण बारिश के साथ जमीन पर बैठ जाएंगे, जिससे लोगों को सांस लेने में थोड़ी राहत मिलेगी। लेकिन, डॉक्टरों ने बदलते मौसम के प्रति आगाह किया है। अचानक गिरते तापमान और नमी के कारण सर्दी-जुकाम और वायरल बुखार का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
सावधानी ही बचाव है:
मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे घर से बाहर निकलने से पहले ताजा वेदर अपडेट जरूर देख लें और कोहरे के दौरान वाहन चलाते समय फॉग लाइट का इस्तेमाल करें। जनवरी का अंत और फरवरी की शुरुआत इस बार रिकॉर्ड तोड़ ठंड और बारिश के नाम रहने वाली है।






