एयरपोर्ट के वॉशरूम में ‘टिकट की अदला-बदली’, लंदन उड़ा दोस्त और बेंगलुरु में फंसा मास्टरमाइंड!
Share your love

संवाद 24 कर्नाटक। फिल्मी अंदाज में रची गई साजिश का पर्दाफाश बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (KIA) पर फिल्मी अंदाज में रची गई धोखाधड़ी की एक ऐसी साजिश सामने आई है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। एक श्रीलंकाई मूल के ब्रिटिश व्यवसायी ने अपने दोस्त को अवैध रूप से लंदन भेजने के लिए अपना बोर्डिंग पास और वीजा ही थमा दिया। दोस्त तो लंदन के विमान में सवार हो गया, लेकिन इस पूरी साजिश का ‘मास्टरमाइंड’ खुद एयरपोर्ट के अंदर ही धरा गया।
टॉयलेट में बदला गया ‘बोर्डिंग पास’ और पहचान
घटना 18 जनवरी की है, जब वेस्ट लंदन में रहने वाले व्यवसायी कंडिया राजगोपाल (52) को वर्जिन अटलांटिक की फ्लाइट (VS-347) से लंदन जाना था। वहीं, उनके एक श्रीलंकाई दोस्त शरूशन कुनासेकरन ने इंडिगो की फ्लाइट से सिंगापुर जाने का टिकट बुक किया था। दोनों ने अपने-अपने टिकटों पर एयरपोर्ट के टर्मिनल-2 में प्रवेश किया और अलग-अलग इमिग्रेशन और सुरक्षा जांच पूरी की। जांच के बाद, दोनों एयरपोर्ट के एक पुरुष वॉशरूम (Toilet) में मिले। यहाँ राजगोपाल ने अपना लंदन जाने वाला बोर्डिंग पास और ब्रिटिश वीजा कुनासेकरन को दे दिया, जबकि खुद कुनासेकरन का सिंगापुर वाला टिकट अपने पास रख लिया।
8 घंटे की बेवकूफी और CISF की पैनी नजर
इस ‘एक्सचेंज’ के बाद कुनासेकरन बड़े आराम से लंदन की फ्लाइट में चढ़ गया, लेकिन राजगोपाल एक बड़ी गलती कर बैठा। वह करीब 8 घंटे तक एयरपोर्ट के सिक्योरिटी होल्ड एरिया (SHA) में संदिग्ध तरीके से घूमता रहा। उसे वहां घंटों से बिना किसी काम के टहलते देख CISF (केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल) के जवानों को शक हुआ। जब इमिग्रेशन अधिकारियों ने उसे रोककर पूछताछ की और डेटा खंगाला, तो सच सामने आते ही अधिकारियों के होश उड़ गए।
लंदन में गिरफ्तारी और बेंगलुरु में कानूनी शिकंजा
वर्जिन अटलांटिक एयरलाइंस से पुष्टि करने पर पता चला कि ‘कंडिया राजगोपाल’ के नाम पर एक व्यक्ति पहले ही लंदन के लिए उड़ान भर चुका है। रिकॉर्ड से यह भी साफ हुआ कि शरूशन कुनासेकरन नाम का यात्री अपनी सिंगापुर वाली फ्लाइट में नहीं चढ़ा था। भारतीय अधिकारियों ने तुरंत इस मामले की जानकारी लंदन स्थित इमिग्रेशन विभाग को दी। जैसे ही कुनासेकरन लंदन पहुँचा, उसे वहां अवैध प्रवेश के आरोप में हिरासत में ले लिया गया। इधर बेंगलुरु में, बीआईएएल (BIAL) पुलिस ने राजगोपाल को गिरफ्तार कर ‘इमिग्रेशन और फॉरेनर्स एक्ट’ के तहत मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है।
सुरक्षा व्यवस्था और एयरलाइंस की लापरवाही पर सवाल
यह घटना न केवल धोखाधड़ी का मामला है, बल्कि एयरपोर्ट की सुरक्षा में एक बड़ी चूक को भी दर्शाती है। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि एयरलाइंस स्टाफ ने गेट पर बोर्डिंग पास और यात्री के चेहरे का मिलान सही ढंग से क्यों नहीं किया? क्या इस साजिश के पीछे कोई बड़ा मानव तस्करी (Human Trafficking) गिरोह है? फिलहाल पुलिस और खुफिया एजेंसियां इस बात की गहराई से जांच कर रही हैं कि क्या इस काम में एयरपोर्ट के किसी कर्मचारी की भी मिलीभगत थी।






