कुकी लड़की से शादी करने वाले मैतेई युवक की नृशंस हत्या, मणिपुर में माहौल गर्म
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संवाद 24 नई दिल्ली । मणिपुर में लंबे समय से जारी जातीय हिंसा के बीच एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं और आपसी भाईचारे पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। इंफाल के कांगपोकपी सीमावर्ती क्षेत्र में एक मैतेई युवक की बेरहमी से हत्या कर दी गई है। इस हत्या के पीछे का कारण जानकर हर कोई स्तब्ध है—मृतक युवक का कसूर सिर्फ इतना था कि उसने एक कुकी समुदाय की लड़की से प्रेम विवाह किया था।
सीमा पार कर पत्नी से मिलने गया था युवक
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान एक मैतेई युवक के रूप में हुई है, जो पिछले काफी समय से अपनी कुकी पत्नी और बच्चों के साथ रह रहा था। राज्य में जारी तनाव के कारण दोनों समुदायों के बीच दीवारें खिंच चुकी हैं, लेकिन प्रेम के धागे ने इस युवक को सरहदें लांघने पर मजबूर कर दिया। बताया जा रहा है कि युवक अपनी पत्नी से मिलने के लिए संवेदनशील इलाके में गया था, जहां उपद्रवियों ने उसे पकड़ लिया और उसकी जान ले ली।
हिंसा की आग में झुलसते रिश्तों की दास्तां
मणिपुर पिछले एक साल से अधिक समय से मैतेई और कुकी समुदायों के बीच आरक्षण और जातीय पहचान को लेकर सुलग रहा है। इस हिंसा ने न केवल हजारों लोगों को बेघर किया है, बल्कि उन परिवारों को भी निशाना बनाया है जिन्होंने समुदायों के बीच प्रेम और विवाह के जरिए पुल बनाने की कोशिश की थी। इस ताजा हत्याकांड ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि नफरत की आग में अब रिश्तों की मर्यादा भी भस्म हो रही है।
सुरक्षाबलों की भारी तैनाती और तनाव
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षा बलों ने इलाके को घेर लिया है। युवक का शव मिलने के बाद से क्षेत्र में तनाव चरम पर है। सुरक्षा एजेंसियों को डर है कि इस हत्या के बाद बदले की कार्रवाई के रूप में हिंसा का एक और दौर शुरू हो सकता है। पुलिस प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।
न्याय की गुहार और उठते सवाल
इस घटना ने मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और नागरिक समाज को झकझोर कर रख दिया है। सवाल यह उठ रहा है कि क्या मणिपुर में अब अपनी पसंद से शादी करना या दूसरे समुदाय के व्यक्ति से प्रेम करना मौत को दावत देना है? स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक दोषियों को कड़ी सजा नहीं मिलती और समुदायों के बीच संवाद शुरू नहीं होता, तब तक ऐसे बेगुनाह लोग नफरत की भेंट चढ़ते रहेंगे।
फिलहाल, पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और हत्यारों की तलाश में छापेमारी की जा रही है। मणिपुर की यह घटना एक चेतावनी है कि अगर वक्त रहते कट्टरता पर लगाम नहीं लगाई गई, तो सामाजिक ताना-बाना पूरी तरह बिखर जाएगा।






