हरियाणा की कटौती से दिल्ली प्यासे शहर की ओर? दो हफ्ते बिगड़ सकती है जल आपूर्ति व्यवस्था
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संवाद 24 नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली एक बार फिर जल संकट की आशंका से जूझती नजर आ रही है। हरियाणा की ओर से पानी की आपूर्ति में कटौती और डायवर्जन के कारण आने वाले करीब दो हफ्तों तक राजधानी के कई इलाकों में पानी की सप्लाई प्रभावित रह सकती है। इस स्थिति ने प्रशासन से लेकर आम जनता तक की चिंता बढ़ा दी है।
हरियाणा से आने वाला कच्चा पानी हुआ कम
दिल्ली जल बोर्ड के अनुसार, हरियाणा से दिल्ली को मिलने वाला कच्चा पानी हाल के दिनों में कम हो गया है। नहरों से पानी का रुख बदले जाने के कारण वाटर ट्रीटमेंट प्लांटों तक पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पहुंच पा रहा है, जिससे सप्लाई सिस्टम पर सीधा असर पड़ा है।
कई इलाकों में पहले से दिखने लगा असर
पानी की कमी का असर राजधानी के कई हिस्सों में साफ दिखाई देने लगा है। कुछ इलाकों में पानी का प्रेशर कम हो गया है, तो कहीं सप्लाई का समय घटा दिया गया है। लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए अतिरिक्त इंतजाम करने पड़ रहे हैं।
जल बोर्ड ने मानी परेशानी
दिल्ली जल बोर्ड ने स्वीकार किया है कि यह समस्या अस्थायी जरूर है, लेकिन स्थिति पूरी तरह सामान्य होने में समय लग सकता है। बोर्ड के मुताबिक, हरियाणा में पानी के नियोजित डायवर्जन के चलते यह हालात बने हैं और फिलहाल वैकल्पिक व्यवस्था पर काम किया जा रहा है।
टैंकरों पर बढ़ी निर्भरता
पानी की कमी के चलते कई कॉलोनियों में टैंकरों की मांग बढ़ गई है। निजी टैंकर सेवाओं पर निर्भरता बढ़ने से आम लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ भी पड़ रहा है, खासकर मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए यह स्थिति ज्यादा मुश्किल हो गई है।
पानी बचाने की अपील
जल बोर्ड और प्रशासन ने नागरिकों से पानी के विवेकपूर्ण इस्तेमाल की अपील की है। लोगों से कहा गया है कि अनावश्यक रूप से पानी बर्बाद न करें, गाड़ियों की धुलाई और खुले नलों के इस्तेमाल से बचें, ताकि उपलब्ध पानी लंबे समय तक चल सके।
पुराना है दिल्ली का जल संकट
विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली में पानी की समस्या नई नहीं है। हर साल गर्मी या आपूर्ति विवाद के दौरान राजधानी को ऐसे हालातों का सामना करना पड़ता है। पड़ोसी राज्यों पर निर्भरता और सीमित स्थानीय जल स्रोत इस समस्या को और गंभीर बना देते हैं।
स्थायी समाधान की जरूरत
जानकारों के अनुसार, दिल्ली को लंबे समय के लिए वर्षा जल संचयन, जल पुनर्चक्रण और स्थानीय जल स्रोतों के संरक्षण पर गंभीरता से काम करना होगा। जब तक स्थायी समाधान नहीं निकाला जाता, तब तक राजधानी को ऐसे जल संकटों से बार-बार जूझना पड़ेगा।
आने वाले दिन चुनौतीपूर्ण
फिलहाल राजधानी के लिए आने वाले दिन चुनौतीपूर्ण माने जा रहे हैं। यदि समय रहते सप्लाई सामान्य नहीं हुई, तो हालात और बिगड़ सकते हैं। ऐसे में जल संरक्षण ही सबसे बड़ा उपाय माना जा रहा है।






