पिनाका रॉकेट सिस्टम का अंतरराष्ट्रीय निर्यात, आर्मेनिया को रवाना
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संवाद 24 नई दिल्ली । भारत ने स्वदेशी रक्षा तकनीक के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाते हुए ‘पिनाका गाइडेड मल्टी-बैरेल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम’ की पहली निर्यात खेप आर्मेनिया के लिए रवाना कर दी है। इस खेप को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने महाराष्ट्र के नागपुर स्थित सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड (SDAL) के संयंत्र से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह घटना भारत के रक्षा निर्यात पोर्टफोलियो में एक नई उपलब्धि के रूप में देखी जा रही है।
पिनाका सिस्टम का पहला विदेशी ग्राहक
यह स्पष्ट किया गया है कि भारत पहले भी कई रक्षा उपकरणों का निर्यात कर चुका है, लेकिन पिनाका रॉकेट सिस्टम का यह पहला अंतरराष्ट्रीय निर्यात है। आर्मेनिया इस स्वदेशी प्रणाली को प्राप्त करने वाला पहला विदेशी देश बन गया है, जिससे भारतीय रक्षा उत्पादों की वैश्विक स्वीकार्यता को बल मिला है।
रक्षा मंत्री का आत्मनिर्भर भारत पर जोर
इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत आज रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि देश अब न केवल अपनी सुरक्षा आवश्यकताओं को पूरा कर रहा है, बल्कि विश्व स्तर पर भरोसेमंद रक्षा साझेदार के रूप में भी उभर रहा है। उन्होंने इसे ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ की ठोस सफलता बताया।
नागपुर से रक्षा उद्योग को नई पहचान
नागपुर स्थित SDAL का यह संयंत्र निजी क्षेत्र की बढ़ती भूमिका का उदाहरण है। यहां से पिनाका जैसे उन्नत हथियार सिस्टम का निर्माण और निर्यात यह दर्शाता है कि अब देश के अलग-अलग हिस्से भी रक्षा उत्पादन के केंद्र बन रहे हैं। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार, तकनीकी विकास और औद्योगिक विस्तार को भी बढ़ावा मिल रहा है।
क्या है पिनाका मल्टी-बैरेल रॉकेट सिस्टम
पिनाका एक आधुनिक मल्टी-बैरेल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम है, जिसे रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित किया गया है। यह कम समय में कई रॉकेट दागने की क्षमता रखता है और युद्ध के मैदान में दुश्मन के ठिकानों पर तीव्र और प्रभावी हमला करने में सक्षम है। यह सिस्टम भारतीय सेना में पहले से ही तैनात है।
गाइडेड पिनाका की खासियत
गाइडेड पिनाका रॉकेट सिस्टम को अधिक सटीकता के लिए विकसित किया गया है। इसकी उन्नत नेविगेशन और मार्गदर्शन प्रणाली इसे लक्ष्य पर बेहद सटीक प्रहार करने में सक्षम बनाती है। आधुनिक युद्ध परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए यह सिस्टम कोलैटरल डैमेज को कम करने में भी सहायक माना जाता है।
आर्मेनिया के साथ रणनीतिक संबंध मजबूत
पिनाका सिस्टम के निर्यात से भारत और आर्मेनिया के बीच रक्षा सहयोग को नई मजबूती मिली है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सौदा केवल व्यापारिक नहीं, बल्कि रणनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। इससे दोनों देशों के बीच भविष्य में और रक्षा सहयोग समझौतों की संभावना बढ़ी है।
निजी क्षेत्र की बढ़ती भागीदारी
इस परियोजना में निजी रक्षा कंपनियों की भूमिका ने यह साबित किया है कि भारत का निजी क्षेत्र भी जटिल और अत्याधुनिक रक्षा प्रणालियों के निर्माण में सक्षम है। सरकार लगातार निजी कंपनियों को रक्षा उत्पादन में आगे आने के लिए प्रोत्साहित कर रही है, ताकि प्रतिस्पर्धा और नवाचार को बढ़ावा मिल सके।
रक्षा उत्पादन और निर्यात में लगातार वृद्धि
बीते कुछ वर्षों में भारत के रक्षा उत्पादन और निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। स्वदेशी तकनीक, नीति सुधार और सरकारी समर्थन के चलते भारतीय रक्षा उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी जगह बना रहे हैं। पिनाका का निर्यात इसी बढ़ते आत्मविश्वास का प्रतीक माना जा रहा है।
भविष्य में और निर्यात की संभावनाएं
विशेषज्ञों का मानना है कि पिनाका सिस्टम का यह निर्यात भविष्य के लिए एक मजबूत आधार तैयार करता है। आने वाले समय में भारत अन्य देशों के साथ भी ऐसे रक्षा सौदे कर सकता है, जिससे न केवल आर्थिक लाभ होगा बल्कि भारत की रणनीतिक और कूटनीतिक स्थिति भी वैश्विक स्तर पर और सशक्त होगी।






