लाल किले से आसमान तक कड़ा पहरा: गणतंत्र दिवस से पहले दिल्ली में अभेद्य सुरक्षा घेरा

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संवाद 24 नई दिल्ली। हर साल की तरह इस बार भी 26 जनवरी को राजधानी नई दिल्ली में 77वां गणतंत्र दिवस समारोह आयोजित किया जा रहा है और इसके मद्देनज़र सुरक्षा तंत्र को अभूतपूर्व रूप से मजबूत किया गया है। देश का सबसे बड़ा सार्वजनिक आयोजन, जिसमें लाखों दर्शक और सरकारी गणमान्य व्यक्ति शामिल होते हैं, वहां किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने बहुस्तरीय तैयारियाँ कर रखी हैं।

हाइ-टेक सुरक्षा-जाल — तकनीक से लैस निगरानी
इस बार कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड की सुरक्षा व्यवस्था अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित है। दिल्ली पुलिस ने परेड रूट के चारों ओर 1000 से अधिक CCTV कैमरे स्थापित किए हैं, जिनमें कई 100x जूम क्षमता वाले हाई-टेक कैमरे भी शामिल हैं, ताकि भीड़, वाहनों और संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा सके। ये कैमरे फेस रिकॉग्निशन, नंबर-प्लेट पहचान और संदिग्ध वस्तु अलर्ट जैसी उन्नत तकनीकों से लैस होंगे। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इन कैमरों की मदद से भीड़-व्यवस्था के साथ-साथ किसी भी संभावित जोखिम का पूर्वानुमान संभव होगा, जिससे सुरक्षा बल समय रहते कार्यवाही कर सकेंगे।

लाखों की तादाद में जवान तैनात
परेड समारोह की सुरक्षित रूप से नियोजन के लिए दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों के सहयोग से लगभग 20,000 सुरक्षा कर्मी तैनात किए जा रहे हैं। इन जवानों को न केवल सराहनीय सुरक्षा जिम्मेदारी दी गई है, बल्कि भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण तथा संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखने का प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया है। स्नाइपर टीमें, मोबाइल पैट्रोल यूनिट्स और विशेष निगरानी समूह भी रणनीतिक स्थानों पर नियुक्त हैं, ताकि किसी अप्रत्याशित घटना पर तुरंत प्रतिक्रिया दी जा सके।

ड्रोन और अतिरिक्त नाकाबंदी सुरक्षा
हवा से सुरक्षा बनाए रखने के उद्देश्य से ड्रोन टीमें भी सक्रिय रहेंगी। ये ड्रोन ऊँचाई से क्षेत्र की निगरानी करेंगे और संभावित खतरे पर तत्काल जानकारी भेजेंगे। इसके अलावा, निगरानी सिस्टम में ड्रोन-रोधी इकाइयाँ और संसूचित अधिकारी परेड के सभी प्रमुख हिस्सों पर मुस्तैद रहेंगे। पुलिस ने इन तैयारियों को रोडमैप के रूप में प्रस्तुत किया है ताकि जहाँ एक ओर सुरक्षा पुख्ता रहे, वहीं परेड और कार्यक्रम की उत्सव-भरी माहौल भी बना रहे।

प्रतिबंधित वस्तुएँ और रास्तों की जानकारी
दिल्ली पुलिस ने जनता को चेतावनी दी है कि परेड स्थल और उसके आसपास कुछ वस्तुओं पर प्रतिबंध लागू रहेंगे। ऐसे सामान जिनका उपयोग सुरक्षा नियमों के विपरीत किया जा सकता है, उन्हें साथ लाने पर रोक होगी। सुरक्षा कारणों से कई मार्ग शाम से ही बंद कर दिए जाएंगे, जिससे ज़रूरी वाहनों को अलग मार्ग अपनाना पड़ सकता है। सार्वजनिक घोषणाएँ, हेल्पडेस्क और साइनबोर्ड के माध्यम से ऐलान किया गया है कि दर्शक निर्धारित मार्गों के अनुसार ही प्रवेश और निकास करेंगे, ताकि आपराधिक या खतरनाक वस्तुएँ समारोह स्थल तक नहीं पहुँचें।

सार्वजनिक परिवहन और यातायात प्रबंधन
गणतंत्र दिवस के दौरान, दिल्ली-एनसीआर में मेट्रो और दूसरी परिवहन सेवाओं को भी विशेष दिशा-निर्देश दिए गए हैं। कुछ मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश और निकास नियंत्रण लागू होगा और यातायात प्रभावित हो सकता है। ट्रैफिक पुलिस ने समय से पूर्व नेविगेशन संदेश जारी किए हैं ताकि जनता अपने आवागमन की रणनीति पहले से तय कर सके।

साझा जिम्मेदारी — जनता का सहयोग भी आवश्यक
केवल पुलिस ही नहीं, बल्कि दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा को साझा जिम्मेदारी मानते हुए नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है। लोगों को संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को देने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके तहत विशेष हेल्पलाइन नंबर और स्थानीय थानों से संपर्क के माध्यमों को उपलब्ध कराया गया है। पुलिस कमांडर सतीश गोलचा ने कहा है कि सरकारी और सार्वजनिक सहयोग से ही गणतंत्र दिवस को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सफल बनाया जा सकता है।

आशा और उत्सव — परेड की महत्ता
26 जनवरी भारत के लोकतंत्र की सबसे बड़ी प्रतीकात्मक तिथियों में से एक है। कर्तव्य पथ पर होने वाला यह आयोजन राष्ट्रीय एकता, विविधता और देशभक्ति की भावना को और मजबूती देता है। सुरक्षा के इन विस्तृत इंतज़ामों से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि समारोह का आनंद हर नागरिक सुरक्षित रूप से ले सके।

Madhvi Singh
Madhvi Singh

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