ऐतिहासिक लाल किले की सुरक्षा में बड़ा बदलाव: ASI की मंजूरी के बाद पहली बार CCTV निगरानी का विस्तार
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संवाद 24 नई दिल्ली। भारत की राजधानी नई दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किला को लेकर एक महत्वपूर्ण सुरक्षा फैसला लिया गया है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (Archaeological Survey of India — ASI) ने कई वर्षों के रुकावट के बाद लाल किले के भीतर सुरक्षा निगरानी के लिए CCTV कैमरों की स्थापना की मंजूरी दी है, जो इस ऐतिहासिक स्थल पर पहली बार सुरक्षा तकनीक के व्यापक इस्तेमाल की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
सात साल बाद सुरक्षा प्रस्ताव को हरी झंडी
काफी लंबे समय से लंबित यह प्रस्ताव अब मंजूर हो गया है, जिससे लाल किले के अंदर और आसपास की निगरानी क्षमता में उल्लेखनीय सुधार होगा। विगत वर्षों में सुरक्षा कारणों से कैमरों की स्थापना पर ASI की तरफ से संरक्षित स्मारकों को नुकसान पहुँचने के डर के चलते रोका गया था, परंतु अब वायरलेस और न्यून-आक्रामक तकनीकों के उपयोग को सुनिश्चित करते हुए ASI ने सकारात्मक निर्णय लिया है।
पहली बार इंस्टाल होंगे 150 से अधिक CCTV कैमरे
सूत्रों के अनुसार इस पहले चरण में लगभग 150 CCTV कैमरे लाल किला परिसर के महत्वपूर्ण क्षेत्रों जैसे गेट्स, पार्किंग स्थल और भीड़भाड़ वाले हिस्सों में स्थापित किए जाएंगे। ये कैमरे सिर्फ सुरक्षा कैमरे नहीं होंगे, बल्कि उनमें एडवांस्ड फीचर्स जैसे फेसियल रिकग्निशन, ऑटो नंबर-प्लेट पहचान और संदिग्ध गतिविधि डिटेक्शन जैसी क्षमताओं का समावेश भी होगा। इससे संभावित खतरों की पहचान और त्वरित कार्रवाई करने में मदद मिलेगी।
पिछले आतंकी हमले ने सुरक्षा की जरूरत को और बढ़ाया
यह कदम विशेष रूप से 10 नवंबर 2025 को लाल किले के पास हुए वाहन विस्फोट के बाद उठाए गए सुरक्षा उपायों का हिस्सा है, जिसमें कई लोगों की मौत और घायल होने की रिपोर्ट थी। उस घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने कड़ी समीक्षा की थी और सुरक्षा तंत्र को और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
टेक्नोलॉजी और निगरानी नियंत्रण
यह नई व्यवस्था सिर्फ कैमरों के अतिरिक्त नियंत्रण और निगरानी कक्ष के निर्माण को भी शामिल करती है, जहाँ से सभी कैमरों के लाइव फुटेज पर नजर रखी जाएगी और अगर ज़रूरत पड़ी तो तुरंत पुलिस या सुरक्षा बल को चेतावनी भेजी जा सकेगी। पर्यटकों और आम जनता की सुरक्षा के साथ-साथ स्मारक की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।
सुरक्षा कर्मियों की बढ़ी तैनाती
लाल किले पर तैनात पुलिसकर्मियों की संख्या को भी बढ़ाया गया है ताकि ऑन-ग्राउंड सुरक्षा और तेजी से प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सके। इसके अलावा पार्किंग अटेंडेंट्स को भी प्रशिक्षित किया जा रहा है ताकि वे संदिग्ध वाहनों या गतिविधियों की पहचान कर तुरंत सावधान कर सकें।
नियंत्रण और पर्यटक सुरक्षा का संतुलन
ऐतिहासिक महत्व और रोजाना लाखों आगंतुकों के लिए यह अत्याधुनिक सुरक्षा बढ़ोत्तरी विश्वास और सुरक्षा का नया माहौल तैयार करेगी। अधिकारी उम्मीद कर रहे हैं कि इससे न केवल संभावित खतरों पर नज़र मजबूत होगी, बल्कि आने वाले राष्ट्रीय कार्यक्रमों और त्यौहारों के दौरान भी भीड़ प्रबंधन बेहतर तरीके से किया जा सकेगा। लाल किले के अंदर CCTV निगरानी की मंजूरी और हाई-टेक सुरक्षा उपाय भारतीय राजधानी के प्रमुख स्मारक की सुरक्षा को नए आयाम पर ले जा रहे हैं, जो ऐतिहासिक संरक्षण और आधुनिक सुरक्षा तकनीक के बीच संतुलन स्थापित करते हैं।






