BMC और 29 नगर निगमों में मतदान का महासंग्राम, किसका पलड़ा भारी

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संवाद 24 मुंबई। आज महाराष्ट्र में अहम राजनीतिक क्षण आया है जब 29 नगर निकायों के लिए मतदान जारी है, जिसमें सबसे तीव्र निगाह बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) पर टिकी है — जो न सिर्फ मुंबई बल्कि पूरे राज्य की राजनीति को प्रभावित कर सकता है। इस चुनाव में 15,931 उम्मीदवारों ने भाग लिया है और लगभग 3.48 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग कर रहे हैं। मतदान सुबह से शाम तक जारी रहेगा, और मतगणना 16 जनवरी को आयोजित होगी।

मतदान का महत्व और व्यापक रूप
महाराष्ट्र के 29 महानगरपालिकाओं में ये चुनाव सिर्फ स्थानीय निकायों के लिए नहीं हैं बल्कि राज्य की राजनीति के भविष्य को भी आकार देंगे। खासकर BMC को एशिया की सबसे धनी नगर निगम के रूप में देखा जाता है, जिसका बजट और प्रशासनात्मक नियंत्रण राजनीतिक दलों के लिए बड़े पैमाने पर प्रतिष्ठा और सत्ता का प्रतीक माना जाता है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, BMC और अन्य महानगरपालिकाओं के परिणाम से 2029 के विधानसभा चुनावों का रुख भी प्रभावित हो सकता है, क्योंकि स्थानीय नेतृत्व की छवि और जनता का मूड सामने आएगा।

राजनीतिक समीकरण और मुकाबला
BMC चुनाव में मुख्य मुकाबला सत्ताधारी महायुति (बीजेपी-शिवसेना शिंदे गुट) और ठाकरे गठबंधन (शिवसेना UBT + MNS) के बीच है। शिवसेना के विभाजन के बाद यह पहला मौका है जब उनके विभिन्न धड़ों के बीच सीधे चुनावी टकराव हो रहा है, जिससे चुनाव और भी दिलचस्प बन गया है।
उद्धव और राज ठाकरे ने मतदान से पहले मुंबादेवी मंदिर में दर्शन कर जनता से समर्थन का आह्वान किया, जो इस चुनाव की राजनीतिक जटिलता और भावनात्मक पक्ष को भी दर्शाता है।

प्रशासनिक तैयारी और सुरक्षा
राज्य प्रशासन ने वोटिंग के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। मुंबई पुलिस ने BMC मतदान के दौरान सुरक्षा बढ़ा दी है और कई जगह बैरिकेडिंग तथा वाहनों की जांच कराई जा रही है, ताकि शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित हो सके। मतदान प्रक्रिया के दौरान ईवीएम और कंट्रोल यूनिट्स जैसे तकनीकी संसाधनों का प्रयोग किया जा रहा है तथा मतदाताओं को मतदान केंद्रों की जानकारी EPIC नंबर के ज़रिये उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है।

मतदान से पहले के मुद्दे और चुनौतियाँ
हालांकि मतदान शांतिपूर्ण रूप से जारी है, कुछ इलाकों में मतदाताओं के बीच बहिष्कार और असंतोष के संकेत भी मिले हैं। जुहू क्षेत्र में कुछ लोगों ने मतदान से बहिष्कार का फैसला किया है, जिससे प्रशासन की नज़रें चिंता की ओर हैं। साथ ही, चुनाव में निर्दलीय और बागी उम्मीदवारों की संख्या भी अधिक है, जिससे पारंपरिक राजनीतिक समीकरण प्रभावित हो सकते हैं।मतगणना 16 जनवरी 2026 को होगी, और परिणाम आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि किस राजनीतिक गठबंधन ने महाराष्ट्र के शहरी शासन में अपनी पकड़ मजबूत की है। BMC जैसे महत्वपूर्ण निकाय पर जीत या हार, राजनीतिक दलों की रणनीति और भविष्य की राजनीति को नई दिशा दे सकती है।

Madhvi Singh
Madhvi Singh

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