पाकिस्तान–चीन के लिए बढ़ी चिंता: भारत के पिनाका रॉकेट की रेंज 150 किमी से आगे बढ़ाने की तैयारी, टाटा–L&T को बड़े ऑर्डर

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संवाद 24 डेस्क। ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत ने अपनी सैन्य तैयारियों को जिस गति से मजबूत किया है, उसने पड़ोसी देशों की चिंता बढ़ा दी है। भारतीय सेना अब अपने स्वदेशी पिनाका मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम को बड़े पैमाने पर अपग्रेड करने जा रही है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत निजी क्षेत्र की दिग्गज कंपनियों टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स और लार्सन एंड टुब्रो (L&T) को अहम ऑर्डर जारी किए गए हैं।

पिनाका बनेगा सेना का मुख्य स्ट्राइक सिस्टम
सेना के सूत्रों के अनुसार, पिनाका अब भारतीय सेना की तोपखाना क्षमता की रीढ़ बन चुका है। नए अपग्रेड के बाद इसकी मारक दूरी को 150 किलोमीटर से अधिक तक ले जाने पर काम चल रहा है। इससे दुश्मन के ठिकानों पर सीमा के भीतर रहते हुए गहराई तक सटीक हमला संभव हो सकेगा।

इस कॉन्ट्रैक्ट के तहत टाटा और L&T, सेना की बेस वर्कशॉप्स और ईएमई कोर के साथ मिलकर पिनाका लॉन्चर के पुराने पुर्जों को बदलेगी, आधुनिक तकनीक जोड़ेगी और दीर्घकालिक तकनीकी सहायता प्रदान करेगी।

‘मेक इन इंडिया’ की बड़ी सफलता
पिनाका कार्यक्रम को डीआरडीओ ने विकसित किया है और आज यह ‘मेक इन इंडिया’ पहल की सबसे बड़ी कामयाब मिसालों में गिना जा रहा है। पिछले वर्ष सरकार ने पिनाका रॉकेट सिस्टम के लिए 10,000 करोड़ रुपये से अधिक का अब तक का सबसे बड़ा घरेलू रक्षा अनुबंध किया था।

L&T के प्रवक्ता ने इसे सेना और निजी उद्योग के बीच“ऐतिहासिक साझेदारी” बताया और कहा कि यह मॉडल भविष्य में अन्य रक्षा प्लेटफॉर्म्स के लाइफसाइकिल मैनेजमेंट और अपग्रेड के लिए ब्लूप्रिंट बनेगा।

स्वदेशी सामग्री पर जोर
टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स ने बताया कि वह पिनाका लॉन्चर के निर्माण में पहले ही करीब 80 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री का इस्तेमाल कर रही है। कंपनी ने बड़ी संख्या में पिनाका MLRS सिस्टम सेना को सौंपे हैं, जो फिलहाल ऑपरेशनल तैनाती में हैं।

गोला-बारूद की जरूरत भी देश में ही
आने वाले वर्षों में पिनाका के लिए जरूरी गोला-बारूद का निर्माण भी पूरी तरह देश में होगा। इसके लिए मुनिशन इंडिया लिमिटेड और इकोनॉमिक एक्सप्लोसिव्स लिमिटेड को तकनीक हस्तांतरित की जा चुकी है। 75 किलोमीटर रेंज वाले पिनाका वेरिएंट का सफल परीक्षण हो चुका है, जबकि इससे भी लंबी दूरी तक मार करने वाले संस्करण विकास के चरण में हैं।

क्यों है पिनाका खास?
तेज फायरिंग, उच्च सटीकता और एक साथ कई लक्ष्यों को भेदने की क्षमता पिनाका की सबसे बड़ी ताकत है। रेंज बढ़ने के बाद यह सिस्टम भारतीय सेना को रणनीतिक बढ़त देगा और सीमाओं पर किसी भी चुनौती का जवाब देने में निर्णायक साबित होगा।

सेना और निजी कंपनियों के बीच यह सहयोग न सिर्फ भारत की सैन्य ताकत बढ़ा रहा है, बल्कि यह भी दिखाता है कि देश आत्मनिर्भर रक्षा उत्पादन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

Samvad 24 Office
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