60 से 70 साल वालों को नहीं मिलेगा आयुष्मान योजना का लाभ? रांची हाईकोर्ट का बड़ा फैसला
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संवाद 24 झारखंड। राजधानी रांची से एक अहम कानूनी फैसला सामने आया है, जहां रांची हाईकोर्ट ने आयुष्मान भारत योजना को लेकर दायर जनहित याचिका को खारिज कर दिया। इस याचिका में 70 वर्ष की आयु सीमा को घटाकर 60 वर्ष करने की मांग की गई थी, लेकिन अदालत ने इसे सरकार का नीतिगत मामला बताते हुए हस्तक्षेप से इनकार कर दिया।
क्या थी याचिका और क्या कहा कोर्ट ने?
याचिकाकर्ता ने कोर्ट से मांग की थी कि 60 से 70 वर्ष के बुजुर्गों को भी योजना का लाभ दिया जाए। लेकिन हाईकोर्ट ने साफ कहा कि यह फैसला सरकार के नीति-निर्धारण से जुड़ा है और अदालत इसमें दखल नहीं दे सकती। इसी आधार पर याचिका को खारिज कर दिया गया।
क्या है आयुष्मान भारत योजना?
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना देश की सबसे बड़ी सरकारी स्वास्थ्य बीमा योजना है, जिसके तहत पात्र परिवारों को हर साल 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलता है।
70 साल से ऊपर वालों को क्यों मिल रहा लाभ?
सरकार ने हाल के वर्षों में योजना का विस्तार करते हुए 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों को इसमें शामिल किया है। इस फैसले से देशभर में करोड़ों बुजुर्गों को मुफ्त इलाज की सुविधा मिल रही है, चाहे उनकी आय कुछ भी हो।
60-70 आयु वर्ग क्यों रह गया बाहर?
याचिका का मुख्य तर्क था कि 60 से 70 वर्ष के लोग भी स्वास्थ्य जोखिम के लिहाज से संवेदनशील होते हैं, इसलिए उन्हें भी योजना में शामिल किया जाना चाहिए। हालांकि, सरकार ने फिलहाल इस आयु वर्ग को योजना में शामिल नहीं किया है, और अदालत ने भी इसे नीति का विषय मानते हुए बदलाव से इनकार कर दिया।
फैसले का क्या होगा असर?
इस फैसले के बाद अब स्पष्ट हो गया है कि फिलहाल 60 से 70 वर्ष के लोग आयुष्मान योजना के तहत कवर नहीं होंगे। इससे इस आयु वर्ग के लोगों को निजी या अन्य सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं पर निर्भर रहना पड़ेगा।
नीति बनाम जरूरत की बहस जारी
रांची हाईकोर्ट का यह फैसला बताता है कि सामाजिक योजनाओं में बदलाव पूरी तरह सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है। हालांकि, 60-70 आयु वर्ग को शामिल करने की मांग आगे भी उठती रह सकती है, क्योंकि यह वर्ग भी स्वास्थ्य जोखिमों से जूझ रहा है।






