40 वर्ष बाद हत्या मामले में आरोपी बरी, इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

संवाद 24 प्रयागराज। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने चार दशक पुराने हत्या मामले में एक आरोपी को साक्ष्यों के अभाव और लंबे न्यायिक विलंब को ध्यान में रखते हुए बरी कर दिया। यह मामला वर्ष 1982–83 के आसपास दर्ज हत्या प्रकरण से जुड़ा था, जिसमें सत्र न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।

उक्त आरोपी ने सत्र न्यायालय के फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी, लेकिन अपील पर अंतिम सुनवाई और निर्णय आने में लगभग 40 वर्ष लग गए। इस दौरान मामला लंबित रहने से आरोपी को लंबे समय तक कानूनी प्रक्रिया का सामना करना पड़ा, जबकि सह-आरोपियों में से कुछ की अपील लंबित रहते हुए मृत्यु भी हो गई।

सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय की पीठ ने पाया कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे सिद्ध करने में सफल नहीं हो सका और गवाहों के बयानों व अन्य साक्ष्यों में कई विरोधाभास पाए गए। अदालत ने यह भी उल्लेख किया कि मुख्य हमलावर आरोपी वर्षों से फरार रहा, जिससे मामले की विश्वसनीयता और कमजोर हुई।

इन परिस्थितियों को देखते हुए न्यायालय ने आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया और उसकी जमानत बांड निरस्त करने के निर्देश दिए। न्यायालय ने यह भी माना कि अत्यधिक लंबित रहने वाली अपीलें न्याय प्रक्रिया पर गंभीर प्रश्न खड़े करती हैं और समय पर न्याय मिलना अत्यंत आवश्यक है।

Shivpratap Singh
Shivpratap Singh

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