विजय माल्या केस में ED का बड़ा कदम: किंगफिशर के पूर्व कर्मचारियों को मिला ₹312 करोड़ का बकाया
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संवाद 24 नई दिल्ली। भगोड़ा घोषित किए जा चुके कारोबारी विजय माल्या से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बड़ा और राहत भरा कदम उठाया है। वर्षों से वेतन और अन्य बकायों के लिए संघर्ष कर रहे किंगफिशर एयरलाइंस के पूर्व कर्मचारियों को आखिरकार ₹312 करोड़ की राशि का भुगतान किया गया है। यह रकम आधिकारिक लिक्विडेटर को ट्रांसफर की गई है, जिससे कर्मचारियों के लंबे समय से अटके दावों का निपटारा हो सकेगा।
ईडी अधिकारियों के अनुसार, यह भुगतान चेन्नई स्थित डेट रिकवरी ट्रिब्यूनल (DRT) के आदेश के तहत किया गया है। ट्रिब्यूनल ने उन शेयरों की बिक्री से प्राप्त राशि जारी करने की अनुमति दी थी, जिन्हें पहले ईडी द्वारा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के नेतृत्व वाले बैंक कंसोर्टियम को लौटाया गया था।
इस बीच, विजय माल्या की लंदन से सामने आई तस्वीरों में उन्हें अपने जन्मदिन से पहले पार्टी करते देखा गया, जिससे एक बार फिर वह चर्चा में आ गए। उल्लेखनीय है कि सीबीआई द्वारा लोन धोखाधड़ी का मामला दर्ज किए जाने के बाद माल्या 2016 में भारत छोड़कर ब्रिटेन चले गए थे। इसके बाद ईडी ने उनके और किंगफिशर एयरलाइंस लिमिटेड के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया।
जनवरी 2019 में विजय माल्या को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया गया था। ईडी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत माल्या, किंगफिशर एयरलाइंस और उससे जुड़ी कंपनियों की करीब ₹5,042 करोड़ की संपत्तियां जब्त की थीं, जबकि ₹1,695 करोड़ की अतिरिक्त संपत्तियां अटैच की गई थीं।
बाद में एक विशेष PMLA अदालत ने DRT के माध्यम से अटैच की गई संपत्तियों को SBI के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम को सौंपने की अनुमति दी। इन संपत्तियों की बिक्री से कुल ₹14,132 करोड़ की वसूली हुई। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, ईडी ने बैंक कंसोर्टियम और अन्य संबंधित पक्षों के साथ समन्वय कर यह सुनिश्चित किया कि कर्मचारियों के बकाए का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।
किंगफिशर के पूर्व कर्मचारियों के लिए यह फैसला वर्षों की प्रतीक्षा के बाद मिली बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है, जबकि विजय माल्या के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और प्रत्यर्पण की प्रक्रिया अभी भी जारी है।






