यमन में सऊदी एयरस्ट्राइक से भूचाल, UAE समर्थित लड़ाकों पर हमला; 7 की मौत, मुस्लिम देशों में टकराव गहराया
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संवाद 24 यमन। यमन में एक बार फिर सऊदी अरब की सैन्य कार्रवाई ने मध्य-पूर्व की राजनीति को गर्मा दिया है। सऊदी अरब ने यमन में यूएई समर्थित अलगाववादी गुट सदर्न ट्रांजिशन काउंसिल (STC) के ठिकानों पर हवाई हमला किया है, जिसमें कम से कम सात लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है। इस एयरस्ट्राइक के बाद सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच तनाव बढ़ने की आशंका गहरा गई है।
यह हमला ऐसे समय हुआ है, जब सऊदी अरब के नेतृत्व में यमन के हद्रामौत प्रांत में एसटीसी के प्रभाव को सीमित करने की कोशिशें चल रही हैं। हद्रामौत और अल-मह्रा जैसे तेल-समृद्ध इलाकों में एसटीसी की हालिया घुसपैठ ने पहले ही सऊदी-यूएई रिश्तों में खटास पैदा कर दी थी।
एसटीसी के उप-प्रमुख और हद्रामौत के पूर्व गवर्नर अहमद बिन बराइक ने आरोप लगाया कि सऊदी समर्थित नेशनल शील्ड फोर्सेज ने उनके शिविरों की ओर बढ़ने की कोशिश की। जब अलगाववादी लड़ाकों ने पीछे हटने से इनकार किया, तो सऊदी अरब ने हवाई हमले का रास्ता अपनाया।
यमन की सेना के एक प्रवक्ता ने इस कार्रवाई को “कठोर लेकिन जरूरी कदम” बताया और कहा कि इससे यह साफ हो गया है कि कट्टरपंथी और अलगाववादी गुट यमन में लंबे समय तक टिक नहीं पाएंगे। सेना का दावा है कि यह कार्रवाई देश की संप्रभुता और राष्ट्रीय एकता की रक्षा के लिए की गई है।
इस घटनाक्रम से पहले यूएई ने संकेत दिए थे कि वह यमन में अपने सैन्य रोल को कम करना चाहता है। अबू धाबी ने सरकारी समाचार एजेंसी WAM के जरिए बयान जारी कर कहा था कि हालिया घटनाओं को देखते हुए वह अपने सैनिकों की सुरक्षा और आतंकवाद-रोधी अभियानों की प्रभावशीलता को प्राथमिकता देते हुए यमन से सेना वापस बुलाने पर विचार कर रहा है, हालांकि वापसी की समयसीमा स्पष्ट नहीं की गई।
इससे पहले सऊदी अरब ने यूएई समर्थित गुटों को भेजे जा रहे हथियारों की एक खेप पर भी हवाई हमला किया था। इसके बाद हूती विद्रोहियों के खिलाफ गठबंधन में शामिल कुछ गुटों ने यूएई से 24 घंटे के भीतर यमन से अपने सैनिक हटाने की मांग कर दी थी।
यमन की राष्ट्रपति परिषद के प्रमुख रशद अल-अलीमी ने भी एसटीसी को देश के लिए खतरा बताते हुए हद्रामौत और अल-मह्रा जैसे पूर्वी प्रांतों से उसकी सेनाओं को हटाने की मांग दोहराई है। उन्होंने कहा कि एसटीसी की गतिविधियां यमन की वैध सरकार, राष्ट्रीय एकता और स्थिरता को सीधी चुनौती हैं।
यमन सरकार ने चेतावनी दी है कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए किसी भी तरह का खतरा “रेड लाइन” है और देश ऐसे किसी भी खतरे को निष्क्रिय करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा। सऊदी-यूएई खेमे के भीतर बढ़ता यह टकराव आने वाले दिनों में पूरे मध्य-पूर्व की राजनीति को और अस्थिर कर सकता है।






