यूक्रेन युद्ध पर बड़ी उम्मीद, जेलेंस्की और पुतिन से बातचीत के बाद ट्रंप का दावा, शांति करीब
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संवाद 24 डेस्क। यूक्रेन और रूस के बीच जारी युद्ध को लेकर शांति की संभावनाएं मजबूत होती दिख रही हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा है कि दोनों देश शांति समझौते के अब तक के सबसे करीब पहुंच गए हैं। फ्लोरिडा में यूक्रेनी राष्ट्रपति Volodymyr Zelenskyy से मुलाकात के बाद ट्रंप ने यह बयान दिया।
ट्रंप ने कहा कि यूक्रेन में सीजफायर की दिशा में हालात पहले से कहीं ज्यादा अनुकूल हैं। हालांकि उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि बातचीत बेहद जटिल है और किसी भी स्तर पर टूट सकती है। ट्रंप के मुताबिक, यदि वार्ता विफल होती है तो यह युद्ध कई साल और खिंच सकता है।
पुतिन से लंबी बातचीत
रविवार को ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति Vladimir Putin से करीब ढाई घंटे तक फोन पर बातचीत की, जिसे उन्होंने “बेहद सकारात्मक” बताया। इसके बाद ट्रंप और जेलेंस्की के बीच आमने-सामने बैठक हुई।
ट्रंप ने दावा किया कि उन्हें भरोसा है कि पुतिन शांति के लिए गंभीर हैं। साथ ही उन्होंने जेलेंस्की की सराहना करते हुए उन्हें “बहादुर नेता” बताया।
कई अहम मुद्दे अब भी अटके
बैठक के बाद दोनों नेताओं ने स्वीकार किया कि कुछ बड़े और संवेदनशील मुद्दे अब भी बने हुए हैं। इनमें सबसे अहम सवाल यह है कि क्या रूस उन इलाकों पर अपना नियंत्रण बनाए रखेगा, जिन पर उसने युद्ध के दौरान कब्जा किया है। इसके अलावा यूक्रेन के लिए सुरक्षा गारंटी का मुद्दा भी बातचीत के केंद्र में है।
जेलेंस्की ने ट्रंप का आभार जताते हुए कहा कि यूक्रेन शांति समझौते के लिए तैयार है, लेकिन देश की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
दोबारा होगी पुतिन से बात
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह जल्द ही पुतिन से एक बार फिर बातचीत करेंगे। उन्होंने कहा, “कुछ हफ्तों में साफ हो जाएगा कि यह प्रक्रिया किस दिशा में जाती है। कई बार एक अप्रत्याशित बात पूरी बातचीत को बिगाड़ सकती है।”
शांति वार्ता पर जोर
यूक्रेन युद्ध को खत्म करना ट्रंप के प्रमुख चुनावी वादों में शामिल रहा है। इसी दिशा में वह लगातार दोनों पक्षों से संवाद कर रहे हैं। इस दौरान कई बार उन्होंने रूस और यूक्रेन—दोनों पर नाराजगी भी जताई है, लेकिन बातचीत का सिलसिला जारी है।
सूत्रों के मुताबिक, ट्रंप और जेलेंस्की की बैठक में शांति योजना के मसौदे पर चर्चा हुई। यूक्रेन पहले ही संकेत दे चुका है कि वह नाटो में सदस्यता की मांग छोड़ सकता है, लेकिन मजबूत सुरक्षा गारंटी पर उसका रुख स्पष्ट है।
फिलहाल पूरी दुनिया की नजर आने वाले हफ्तों पर टिकी है, जो यह तय करेंगे कि यूक्रेन-रूस युद्ध शांति की ओर बढ़ेगा या संघर्ष और लंबा चलेगा।






