क्रिसमस संदेश में तीखे बोल : ज़ेलेंस्की के इशारों पर भड़का सियासी तूफान, रूस-यूक्रेन तनाव और गहराया
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संवाद 24 डेस्क। यूक्रेन के राष्ट्रपति Volodymyr Zelenskyy का क्रिसमस संदेश इस बार सिर्फ धार्मिक या भावनात्मक नहीं रहा, बल्कि उसमें छिपे तीखे राजनीतिक संकेतों ने अंतरराष्ट्रीय हलकों में हलचल मचा दी है। क्रिसमस की पूर्व संध्या पर जारी वीडियो संदेश में ज़ेलेंस्की ने रूसी राष्ट्रपति Vladimir Putin का नाम लिए बिना ऐसी पंक्तियां कहीं, जिन्हें मॉस्को के नेतृत्व के लिए सीधी उकसावे वाली टिप्पणी के तौर पर देखा जा रहा है।
ज़ेलेंस्की ने कहा कि रूस यूक्रेन की जमीन पर बमबारी कर सकता है, शहरों को अंधेरे में डुबो सकता है, लेकिन वह यूक्रेनी लोगों की एकता, विश्वास और “दिल” पर कब्जा नहीं कर सकता। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि आज यूक्रेनवासियों का एक साझा सपना और एक ही इच्छा है — “वह खत्म हो जाए।” इस बयान को व्यापक रूप से पुतिन के लिए संकेत माना जा रहा है।
शांति की बात, लेकिन सख्त शर्तों के साथ
अपने संदेश के अगले हिस्से में ज़ेलेंस्की ने स्पष्ट किया कि यूक्रेन युद्ध नहीं, बल्कि शांति चाहता है। उन्होंने कहा कि देश ईश्वर से शांति की प्रार्थना करता है, लेकिन यह शांति बिना संघर्ष के नहीं मिलेगी। “हम इसके लिए लड़ते हैं, हम इसके लिए प्रार्थना करते हैं, और हम इसके हकदार हैं,” उन्होंने कहा।
यह बयान ऐसे समय पर आया है जब कीव ने एक दिन पहले ही अमेरिका समर्थित 20-सूत्रीय शांति योजना को सार्वजनिक किया था। इस योजना के तहत यूक्रेन ने संकेत दिया है कि यदि रूस भी समान कदम उठाए तो देश के पूर्वी औद्योगिक क्षेत्रों से सैनिकों की वापसी संभव है। ज़ेलेंस्की के अनुसार, इसके बाद उस इलाके को अंतरराष्ट्रीय निगरानी में एक विसैन्यीकृत क्षेत्र बनाया जा सकता है।
हमलों के बीच आया बयान
ज़ेलेंस्की का यह क्रिसमस संदेश ऐसे वक्त में सामने आया है जब रूस पर यूक्रेन में मिसाइल और ड्रोन हमलों का आरोप लगाया गया है। कीव का दावा है कि हालिया हमलों में बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल हुआ, जिससे कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई और जानमाल का नुकसान हुआ।
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने इन हमलों को “अमानवीय” करार देते हुए कहा कि क्रिसमस जैसे पवित्र मौके पर भी रूस ने हमले रोकने की कोई कोशिश नहीं की।
रूस की प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल मॉस्को की ओर से इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ज़ेलेंस्की की इस टिप्पणी से पहले से चल रही युद्धविराम और शांति वार्ताओं की संभावनाएं और जटिल हो सकती हैं। संवाद24 से बात करते हुए विशेषज्ञों ने कहा कि यह बयान यूक्रेन के आंतरिक मनोबल को मजबूत करने के लिए है, लेकिन इसका कूटनीतिक असर दूरगामी हो सकता है।






