गाजा में संघर्ष विराम डांवाडोल : धमाके में इजरायली सैनिक घायल, जवाबी कार्रवाई के संकेत
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संवाद 24 डेस्क। गाजा में लागू संघर्षविराम एक बार फिर गंभीर संकट में नजर आ रहा है। बुधवार को हुए एक धमाके में एक इजरायली सैनिक के घायल होने के बाद इजरायल ने इसे सीजफायर का उल्लंघन बताते हुए सख्त प्रतिक्रिया दी है। इजरायली नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि इस घटना का “उचित जवाब” दिया जाएगा, जिससे 10 अक्टूबर से लागू नाजुक युद्धविराम के टूटने की आशंका गहरा गई है।
इजरायली सेना के अनुसार, यह विस्फोट उस समय हुआ जब सेना राफा इलाके में सक्रिय थी और एक सैन्य वाहन को निशाना बनाया गया। घायल सैनिक को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। इस घटना के बाद इजरायली सुरक्षा प्रतिष्ठान हाई अलर्ट पर है।
हमास पर आरोप, लेकिन इनकार भी
इजरायल ने सीधे तौर पर हमास पर संघर्षविराम तोड़ने का आरोप लगाया है। वहीं, हमास ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि धमाका पुराने और बिखरे पड़े विस्फोटकों के कारण हुआ, न कि किसी सुनियोजित हमले के तहत। हमास के एक वरिष्ठ नेता ने दावा किया कि इस बारे में मध्यस्थ देशों को पहले ही सूचना दे दी गई थी।
कूटनीतिक वार्ता के बीच बढ़ा तनाव
गौरतलब है कि यह घटना ऐसे समय पर हुई है जब हमास के प्रतिनिधि अंकारा में तुर्की अधिकारियों के साथ संघर्षविराम के अगले चरण पर बातचीत कर रहे थे। इस संयोग ने क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा दिया है।
नेतन्याहू का सख्त रुख
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बयान जारी कर कहा कि सेना किसी भी उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं करेगी और देश की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। वहीं, हमास ने पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि इजरायली सेना सीजफायर के बावजूद गाजा में सैन्य कार्रवाई जारी रखे हुए है।
दूसरे चरण पर टिकी निगाहें
अमेरिकी मध्यस्थता में हुए संघर्षविराम का पहला चरण समाप्ति की ओर है। अब सभी की निगाहें दूसरे चरण की बातचीत पर टिकी हैं, जिसमें गाजा में प्रशासनिक व्यवस्था, सुरक्षा ढांचे और इजरायली सेना की वापसी जैसे अहम मुद्दे शामिल हैं। हालांकि मौजूदा घटनाक्रम ने शांति प्रक्रिया को एक बार फिर अनिश्चितता के दौर में धकेल दिया है।
संवाद 24 विश्लेषण:
जमीनी स्तर पर एक छोटी घटना भी किस तरह बड़े सैन्य टकराव का कारण बन सकती है, यह गाजा की मौजूदा स्थिति से साफ है। आने वाले दिन तय करेंगे कि संघर्षविराम बचेगा या पश्चिम एशिया एक बार फिर हिंसा की आग में झुलसने वाला है।






