यूनुस सरकार पर हत्या की साजिश का आरोप, हादी के भाई ने किया बड़ा दावा, भारत विरोध की राजनीति पर भी उठे सवाल
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संवाद 24 डेस्क। बांग्लादेश में कट्टरपंथी नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। इस मामले में हादी के भाई शरीफ उमर हादी ने सीधे तौर पर मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली सरकार के भीतर मौजूद एक गुट पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि राष्ट्रीय चुनाव को प्रभावित करने और अस्थिरता फैलाने के लिए यह साजिश रची गई।
ढाका के शाहबाग स्थित नेशनल म्यूजियम के सामने इंकलाब मंच द्वारा आयोजित ‘शहीदी शपथ’ कार्यक्रम में उमर हादी ने कहा कि सरकार इस हत्याकांड को राजनीतिक हथियार बनाकर चुनावी प्रक्रिया को पटरी से उतारना चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि अब तक जांच में कोई ठोस प्रगति सामने नहीं आई है, जिससे संदेह और गहरा होता जा रहा है।
चुनाव समय पर कराने की अपील
उमर हादी ने कहा कि उनके भाई चाहते थे कि राष्ट्रीय चुनाव समय पर, फरवरी तक कराए जाएं। उन्होंने बांग्लादेशी प्रशासन से आग्रह किया कि हत्या के नाम पर चुनावी माहौल खराब न किया जाए और दोषियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई हो। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि न्याय में देरी हुई तो जनता का आक्रोश और बढ़ेगा।
‘विदेशी आकाओं’ के आगे न झुकने का दावा
हादी के भाई ने यह भी दावा किया कि उस्मान हादी की हत्या इसलिए की गई क्योंकि उन्होंने किसी एजेंसी या कथित ‘विदेशी आकाओं’ के दबाव में आने से इनकार कर दिया था। उन्होंने कहा कि सच्चाई सामने लाने के बजाय कुछ ताकतें इस घटना का इस्तेमाल भारत विरोधी माहौल बनाने के लिए कर रही हैं, जबकि असली सवाल सरकार की जवाबदेही का है।
इंकलाब मंच का अल्टीमेटम
कार्यक्रम में इंकलाब मंच के सदस्य सचिव अब्दुल्ला अल जाबेर ने सरकार को 30 दिन का अल्टीमेटम दोहराते हुए कहा कि यदि तय समय में हत्यारों की पहचान और गिरफ्तारी नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा। उन्होंने इस हत्या को बांग्लादेश की संप्रभुता और तथाकथित ‘जुलाई क्रांति’ की उपलब्धियों के खिलाफ साजिश बताया।
25 दिसंबर को कोई कार्यक्रम नहीं
रैली के अंत में ‘शहीदी शपथ’ दिलाई गई, जिसमें न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया गया। आयोजकों ने यह भी स्पष्ट किया कि 25 दिसंबर को, जब तारिक रहमान के देश लौटने की संभावना है, उस दिन कोई कार्यक्रम नहीं होगा।
इस पूरे घटनाक्रम ने बांग्लादेश की आंतरिक राजनीति में नए सवाल खड़े कर दिए हैं। भारत विरोधी बयानबाजी के बीच हादी के भाई के आरोपों ने यह संकेत दिया है कि मामला केवल विदेश नीति या बाहरी हस्तक्षेप का नहीं, बल्कि सत्ता के भीतर चल रही खींचतान का भी हो सकता है। संवाद 24 इस मामले से जुड़े हर अहम अपडेट पर नजर बनाए रखेगा।






