दक्षिण अफ्रीका में निर्माणाधीन हिंदू मंदिर ढहा, भारतीय मूल के व्यक्ति समेत 4 की मौत; अवैध निर्माण की आशंका
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संवाद 24 , नई दिल्ली। दक्षिण अफ्रीका के क्वाज़ुलु-नटाल प्रांत से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। ईथेक्विनी के उत्तर में रेडक्लिफ क्षेत्र में निर्माणाधीन चार मंज़िला हिंदू मंदिर का एक हिस्सा अचानक ढह गया। इस हादसे में अब तक चार लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें 52 वर्षीय भारतीय मूल के व्यक्ति भी शामिल हैं।
जानकारी के मुताबिक, खड़ी पहाड़ी पर स्थित न्यू अहोबिलम टेम्पल ऑफ प्रोटेक्शन का शुक्रवार को विस्तार कार्य चल रहा था। इसी दौरान इमारत का बड़ा हिस्सा भरभराकर गिर गया, जिससे वहां काम कर रहे कई मजदूर मलबे में दब गए।
मलबे में दबे मजदूरों की संख्या स्पष्ट नहीं
शुरुआती तौर पर शुक्रवार को दो लोगों की मौत की पुष्टि हुई थी। वहीं शनिवार को राहत एवं बचाव कार्य के दौरान दो और शव बरामद किए गए, जिसके बाद मृतकों की संख्या चार हो गई। हालांकि अब भी मलबे में कुछ और लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। खराब मौसम के चलते राहत और बचाव अभियान अस्थायी रूप से रोकना पड़ा है।
मृतकों में मंदिर प्रोजेक्ट मैनेजर भी शामिल
स्थानीय मीडिया के अनुसार, मृतकों में से एक की पहचान विक्की जयराज पांडे के रूप में हुई है, जो मंदिर ट्रस्ट के एग्जीक्यूटिव सदस्य और कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट के मैनेजर थे। मंदिर से जुड़ी चैरिटी संस्था फूड फॉर लव के डायरेक्टर सनवीर महाराज ने भी पांडे के निधन की पुष्टि की है। बताया जा रहा है कि वे पिछले दो वर्षों से मंदिर के विकास कार्य में सक्रिय रूप से जुड़े हुए थे।
गुफा की तर्ज पर डिजाइन किया गया था मंदिर
यह मंदिर गुफा की तरह डिजाइन किया गया था और इसके निर्माण में भारत से लाए गए पत्थरों का उपयोग किया गया था। निर्माण से जुड़े परिवार का दावा था कि यहां भगवान नृसिंहदेव की विश्व की सबसे बड़ी प्रतिमाओं में से एक स्थापित की जानी थी।
नगरपालिका का बड़ा खुलासा
ईथेक्विनी नगरपालिका ने अपने आधिकारिक बयान में कहा है कि इस परियोजना के लिए किसी भी प्रकार की बिल्डिंग प्लान मंजूरी नहीं ली गई थी, जिससे यह संकेत मिलता है कि निर्माण कार्य अवैध रूप से किया जा रहा था। अधिकारियों ने बताया कि शुरुआती बचाव प्रयास एक फंसे व्यक्ति के मोबाइल फोन कॉल के आधार पर किए गए थे, लेकिन शुक्रवार देर शाम उसके बाद संपर्क टूट गया।
फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा है और हादसे के कारणों के साथ-साथ जिम्मेदारों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।






