मिडिल ईस्ट में भड़की जंग: इस्फहान पर हमले, मिसाइलों की बरसात से बढ़ा तनाव

संवाद 24 नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध अब और भी खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। ईरान, इज़राइल और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य टकराव ने पूरे क्षेत्र में तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है। ताजा घटनाक्रम में इज़राइली सेना ने ईरान के महत्वपूर्ण शहर इस्फहान में बड़े पैमाने पर हमले किए हैं, जिसके बाद हालात और बिगड़ गए हैं।

इस्फहान बना नया टारगेट
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इज़राइल डिफेंस फोर्स (IDF) ने इस्फहान समेत ईरान के कई इलाकों में “विस्तृत हमलों” को अंजाम दिया। इन हमलों में ईरान के सैन्य और रणनीतिक ढांचे को निशाना बनाया गया। इस कार्रवाई को युद्ध के नए चरण की शुरुआत माना जा रहा है।

ईरान का पलटवार: मिसाइलों की बारिश
हमलों के जवाब में ईरान ने भी जोरदार पलटवार किया है। ईरानी सेना ने इज़राइल के कई हिस्सों की ओर बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन दागे, जिससे कई शहरों में सायरन बजने लगे और लोगों को बंकरों में शरण लेनी पड़ी।

अमेरिका भी सीधे मैदान में
इस संघर्ष में अमेरिका भी सक्रिय भूमिका निभा रहा है। अमेरिकी सेना ने क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा दी है, जिसमें विमानवाहक पोत और लड़ाकू विमान लगातार ऑपरेशन चला रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी बल ईरान के सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहे हैं।

पूरे क्षेत्र में फैल रहा युद्ध का खतरा
यह संघर्ष अब सिर्फ ईरान और इज़राइल तक सीमित नहीं रहा। लेबनान, खाड़ी देशों और अन्य क्षेत्रों में भी इसका असर देखने को मिल रहा है। हिजबुल्लाह जैसे समूहों की सक्रियता और सीमावर्ती इलाकों में हमलों ने हालात को और जटिल बना दिया है।

कैसे शुरू हुई यह जंग?
इस युद्ध की शुरुआत 28 फरवरी 2026 को हुई, जब अमेरिका और इज़राइल ने मिलकर ईरान के कई ठिकानों पर अचानक हमले किए। इसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए मिसाइल और ड्रोन हमले शुरू कर दिए, जिससे यह संघर्ष लगातार बढ़ता चला गया।

तेल और वैश्विक बाजार पर असर
इस जंग का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है। तेल की कीमतों में तेजी आई है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह संघर्ष लंबा खिंचता है, तो इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा।

शांति की कोशिशें, लेकिन हालात गंभीर
हालांकि बीच-बीच में शांति वार्ता की बातें सामने आ रही हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान नजर नहीं आ रहा। दोनों पक्ष अपने-अपने रुख पर अड़े हुए हैं, जिससे युद्ध के और भड़कने का खतरा बना हुआ है।

Madhvi Singh
Madhvi Singh

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Get regular updates on your mail from Samvad 24 News