ईरान की मिसाइल का तुर्किए पर हमला: नाटो के सुरक्षा कवच ने आसमान में ही किया ढेर
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संवाद 24 नई दिल्ली । पश्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष अब एक ऐसे खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है, जहां दुनिया के बड़े सैन्य संगठन सीधे तौर पर युद्ध के मैदान में उतर आए हैं। बुधवार को ईरान की ओर से दागी गई एक शक्तिशाली बैलिस्टिक मिसाइल ने तुर्किए (तुर्की) की सीमाओं को निशाना बनाने की कोशिश की, लेकिन नाटो (NATO) के अभेद्य वायु रक्षा तंत्र ने इस साजिश को नाकाम कर दिया। इस घटना ने पूरे यूरोप और मध्य पूर्व में हड़कंप मचा दिया है, क्योंकि यह पहली बार है जब ईरान ने सीधे तौर पर नाटो के किसी सदस्य देश की संप्रभुता को चुनौती दी है।
मिसाइल का रास्ता और नाटो का एक्शन
तुर्किए के रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, ईरान से दागी गई इस मिसाइल ने पहले इराक और फिर सीरिया के हवाई क्षेत्र को पार किया। जैसे ही इसने तुर्किए की सीमा की ओर रुख किया, पूर्वी भूमध्य सागर में तैनात नाटो की अत्याधुनिक एयर डिफेंस यूनिट्स सक्रिय हो गईं। राडार पर खतरे की पहचान होते ही इंटरसेप्टर मिसाइलें दागी गईं और ईरानी मिसाइल को आसमान में ही चकनाचूर कर दिया गया। मंत्रालय ने पुष्टि की है कि मिसाइल का मलबा दक्षिणी प्रांत हाते (Hatay) के डॉर्टयोल जिले में गिरा है। गनीमत यह रही कि इस घटना में किसी की जान नहीं गई और न ही कोई घायल हुआ।
क्षेत्र में तनाव और तुर्किए की कड़ी चेतावनी
इस हमले के बाद तुर्किए का रुख बेहद सख्त नजर आ रहा है। रक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि “हम अपने देश और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह सक्षम हैं। हम किसी भी शत्रुतापूर्ण कार्रवाई का माकूल जवाब देने का अधिकार सुरक्षित रखते हैं।” तुर्किए ने सभी पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है, लेकिन साथ ही यह भी चेतावनी दी है कि वे अपनी क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं।
युद्ध की आग में झुलसता पश्चिम एशिया
यह घटना उस समय हुई है जब अमेरिका और इजराइल ने मिलकर ईरान के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। पिछले शनिवार को हुए हमलों के बाद से ईरान बौखलाया हुआ है। खबरों के अनुसार, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की अपुष्ट खबरों और ईरानी सैन्य ठिकानों पर हुए हमलों ने तेहरान को जवाबी कार्रवाई के लिए उकसाया है। ईरान अब उन देशों और क्षेत्रों को निशाना बना रहा है जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने हैं या जो पश्चिमी गठबंधन (NATO) का हिस्सा हैं।
क्या होगा अगला कदम?
विशेषज्ञों का मानना है कि नाटो द्वारा ईरानी मिसाइल को गिराया जाना एक बड़ा संदेश है। अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने पेंटागन में ब्रीफिंग के दौरान कहा कि अमेरिका इस स्थिति पर नजर बनाए हुए है। हालांकि अभी तक नाटो के ‘अनुच्छेद 5’ (सामूहिक रक्षा संधि) को लागू करने की बात नहीं की गई है, लेकिन तुर्किए का इस तरह सीधे निशाने पर आना यह संकेत देता है कि युद्ध अब केवल इजराइल और ईरान तक सीमित नहीं रह गया है।






