बांग्लादेश की राजनीतिक उथल-पुथल से डरे भारतीय छात्र, सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता

Share your love

संवाद 24 नई दिल्ली। बांग्लादेश में जारी राजनीतिक अस्थिरता ने वहां पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों की चिंता बढ़ा दी है। सत्ता परिवर्तन के बाद देश में लगातार बदलते हालात, विरोध प्रदर्शन और असुरक्षा की घटनाओं ने विदेशी छात्रों को असमंजस में डाल दिया है। खासतौर पर भारतीय छात्र खुद को मानसिक दबाव और भय की स्थिति में महसूस कर रहे हैं।

हजारों भारतीय छात्र बांग्लादेश में कर रहे पढ़ाई
बांग्लादेश की मेडिकल, इंजीनियरिंग और अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों में बड़ी संख्या में भारतीय छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। कम खर्च और बेहतर शिक्षा व्यवस्था के कारण भारत के कई राज्यों से छात्र यहां आते हैं, लेकिन मौजूदा हालात ने उनके भविष्य को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

भारत विरोधी माहौल का डर
छात्रों का कहना है कि हाल के दिनों में भारत विरोधी बयानबाजी और गतिविधियों में बढ़ोतरी हुई है। सोशल मीडिया से लेकर कुछ सार्वजनिक स्थानों तक, ऐसा माहौल बन रहा है जिससे भारतीय छात्रों में असुरक्षा की भावना गहरी हो रही है। कई छात्र पहचान उजागर होने से भी डरने लगे हैं।

हॉस्टल और कैंपस तक सीमित हो रही जिंदगी
कई भारतीय छात्रों ने बताया कि वे अब अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बच रहे हैं। कुछ छात्रों ने तो कॉलेज और हॉस्टल के बीच ही अपनी गतिविधियों को सीमित कर लिया है। बाजार, सार्वजनिक परिवहन और भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाने से वे कतराने लगे हैं।

परिवारों की चिंता बढ़ी
भारत में रह रहे छात्रों के परिजन भी हालात को लेकर बेहद चिंतित हैं। वे लगातार अपने बच्चों से संपर्क में रह रहे हैं और हर स्थिति की जानकारी ले रहे हैं। कई परिवारों ने यह आशंका भी जताई है कि अगर हालात और बिगड़े तो छात्रों को पढ़ाई बीच में छोड़कर वापस लौटना पड़ सकता है।

पढ़ाई और करियर पर असर
राजनीतिक अस्थिरता का सीधा असर छात्रों की पढ़ाई पर भी पड़ रहा है। कक्षाएं प्रभावित हो रही हैं, परीक्षा और इंटर्नशिप को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। छात्र यह सोचने को मजबूर हैं कि कहीं इस स्थिति से उनका करियर पटरी से न उतर जाए।

भारत सरकार से मदद की उम्मीद
भारतीय छात्र और उनके परिवार भारत सरकार से लगातार स्थिति पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर सहायता उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि दूतावास की सक्रिय भूमिका से उन्हें मानसिक राहत मिल सकती है।

दो देशों के रिश्तों पर भी नजर
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और बांग्लादेश के बीच ऐतिहासिक और मैत्रीपूर्ण संबंध रहे हैं। ऐसे में मौजूदा संकट के समय दोनों देशों के बीच संवाद और सहयोग बेहद जरूरी है, ताकि छात्रों और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
फिलहाल भारतीय छात्र यही उम्मीद कर रहे हैं कि बांग्लादेश में हालात जल्द सामान्य हों और वे बिना डर के अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें। यह संकट सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि हजारों युवाओं के भविष्य से जुड़ा मामला बन चुका है।

Madhvi Singh
Madhvi Singh

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Get regular updates on your mail from Samvad 24 News