पहले सोमवार को अस्सी की सांसें फूलने लगीं, क्या बॉक्स ऑफिस पर टिक पाएगी तापसी पन्नू की ये कोर्टरूम जंग
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संवाद 24 डेस्क। सामाजिक सरोकारों से जुड़ी फिल्में अक्सर चर्चा तो खूब बटोरती हैं, लेकिन टिकट खिड़की पर उनकी असली परीक्षा होती है। यही परीक्षा इन दिनों फिल्म Assi भी दे रही है। दमदार विषय और गंभीर कोर्टरूम ड्रामा के साथ रिलीज हुई इस फिल्म ने शुरुआती दिनों में उम्मीद जगाई, लेकिन पहले सोमवार को कमाई की रफ्तार धीमी पड़ती नजर आई। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह फिल्म लंबी रेस का घोड़ा साबित होगी या नहीं।
सोमवार का झटका, चौथे दिन आई बड़ी गिरावट
रिलीज के चौथे दिन यानी पहले सोमवार को फिल्म की कमाई में साफ गिरावट दर्ज की गई। वीकेंड के मुकाबले कलेक्शन कम रहा, जिससे ट्रेड हलकों में हलचल तेज हो गई है। आम तौर पर बड़े बजट की फिल्मों को छोड़ दें तो कंटेंट आधारित फिल्मों के लिए सोमवार की परीक्षा बेहद अहम होती है। अस्सी इस टेस्ट में औसत प्रदर्शन करती दिखाई दी। हालांकि गिरावट चौंकाने वाली नहीं कही जा सकती, क्योंकि वीकेंड के बाद दर्शकों की संख्या स्वाभाविक रूप से घटती है। लेकिन यह भी सच है कि मजबूत वर्ड-ऑफ-माउथ न मिले तो ऐसी फिल्मों की राह मुश्किल हो जाती है।
ओपनिंग वीकेंड, उम्मीद की हल्की किरण
फिल्म ने पहले दिन ठीक-ठाक शुरुआत की थी। शनिवार और रविवार को कलेक्शन में हल्की बढ़त भी देखने को मिली। इससे लगा कि दर्शक गंभीर विषयवस्तु को स्वीकार कर रहे हैं। वीकेंड के तीन दिनों में फिल्म ने संतुलित कमाई दर्ज की, जिससे शुरुआती आंकड़े निराशाजनक नहीं थे। लेकिन कमर्शियल मसाला फिल्मों जैसी तेज रफ्तार इसमें नजर नहीं आई। यह साफ हो गया कि फिल्म का भविष्य दर्शकों की प्रतिक्रिया पर निर्भर करेगा।
कहानी का दम, अदालत में इंसाफ की जंग
अस्सी एक संवेदनशील सामाजिक मुद्दे पर आधारित कोर्टरूम ड्रामा है। कहानी एक ऐसी घटना के इर्द-गिर्द घूमती है जो समाज को झकझोर देती है। इसके बाद शुरू होती है अदालत में लंबी कानूनी लड़ाई, जहां सच और झूठ के बीच की रेखा को परखा जाता है। फिल्म में पीड़िता के संघर्ष, समाज की मानसिकता और न्यायिक प्रक्रिया को गंभीरता से दिखाया गया है। यही वजह है कि यह फिल्म केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि सोचने पर मजबूर करने वाली कहानी पेश करती है।
तापसी पन्नू का मजबूत अभिनय
फिल्म में Taapsee Pannu एक वकील की भूमिका में नजर आ रही हैं। वह अदालत में अपने तर्कों और आत्मविश्वास के साथ कहानी को आगे बढ़ाती हैं। तापसी इससे पहले भी सामाजिक मुद्दों पर आधारित फिल्मों में प्रभावशाली अभिनय कर चुकी हैं, और यहां भी उनका प्रदर्शन चर्चा में है। उनकी स्क्रीन प्रेजेंस और भावनात्मक दृश्यों ने फिल्म को मजबूती दी है। हालांकि बॉक्स ऑफिस की रफ्तार केवल अभिनय से तय नहीं होती, लेकिन उनके काम की सराहना की जा रही है।
निर्देशन और प्रस्तुति, गंभीरता का संतुलन
फिल्म का निर्देशन संवेदनशील अंदाज में किया गया है। कोर्टरूम के दृश्य प्रभावशाली हैं और कहानी को नाटकीयता के साथ आगे बढ़ाया गया है। बैकग्राउंड स्कोर और संवाद भी माहौल को गंभीर बनाते हैं। हालांकि कुछ दर्शकों का मानना है कि फिल्म की रफ्तार थोड़ी धीमी है, जो बड़े वर्ग को सिनेमाघरों तक खींचने में बाधा बन सकती है। फिर भी कंटेंट पसंद करने वाले दर्शकों के लिए यह एक मजबूत प्रस्तुति है।
ऑक्यूपेंसी का हाल, सुबह के शो में कम भीड़
सोमवार को सिनेमाघरों में सुबह के शो में दर्शकों की संख्या सीमित रही। दोपहर और शाम के शो में हल्की बढ़त जरूर देखने को मिली, लेकिन कुल मिलाकर भीड़ औसत ही रही। यह संकेत देता है कि फिल्म को अभी बड़े पैमाने पर दर्शकों का समर्थन नहीं मिल पाया है। अब सब कुछ आने वाले दिनों पर निर्भर करेगा।
क्या दूसरा वीकेंड बदल देगा तस्वीर?
ट्रेड विश्लेषकों का मानना है कि ऐसी फिल्मों के लिए दूसरा वीकेंड निर्णायक साबित होता है। अगर दर्शकों के बीच सकारात्मक चर्चा बढ़ती है, तो कलेक्शन में उछाल संभव है। फिलहाल फिल्म की कुल कमाई शुरुआती स्तर पर है और अगला लक्ष्य एक मजबूत आंकड़ा पार करना होगा। अगर फिल्म ने पकड़ बनाई, तो यह धीरे-धीरे स्थिर कमाई का रास्ता बना सकती है।
कंटेंट बनाम कमाई की जंग
अस्सी इस समय दो मोर्चों पर लड़ रही है, एक तरफ मजबूत विषय और अभिनय, दूसरी तरफ बॉक्स ऑफिस की चुनौती। फिल्म ने संदेश देने में कोई कमी नहीं छोड़ी, लेकिन अब असली सवाल यही है कि क्या दर्शक इस गंभीर कहानी को लंबा साथ देंगे, आने वाले कुछ दिन तय करेंगे कि तापसी पन्नू की यह कोर्टरूम जंग सिनेमाघरों में कितनी दूर तक जाती है। फिलहाल, फिल्म का सफर दिलचस्प मोड़ पर खड़ा है।






