मैं इसे यहीं रोक रहा हूँ, अचानक अरिजीत सिंह ने ले लिया बड़ा फैसला, बॉलीवुड की आवाज़ हुई खामोश!
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संवाद 24 डेस्क। हिंदी फिल्म संगीत की दुनिया उस वक्त सन्न रह गई जब करोड़ों दिलों की धड़कन बन चुकी आवाज़ अरिजीत सिंह ने अचानक एक चौंकाने वाला ऐलान कर दिया। जिस कलाकार की आवाज़ हर दूसरे सुपरहिट गाने में सुनाई देती थी, उसी ने फिल्मों के लिए प्लेबैक सिंगिंग को अलविदा कहने का संकेत दे दिया है। यह फैसला न सिर्फ फैंस के लिए बल्कि पूरी इंडस्ट्री के लिए भावनात्मक झटका है।
लोकप्रियता के शिखर पर लिया गया फैसला
अरिजीत सिंह ने यह फैसला ऐसे समय पर लिया है जब उनका करियर अपने पीक पर माना जा रहा है। लगातार हिट गाने, हर बड़े फिल्ममेकर की पहली पसंद और हर म्यूज़िक एल्बम की जान ऐसे कलाकार का अचानक पीछे हटना कई सवाल खड़े करता है। यही वजह है कि यह खबर जंगल में आग की तरह फैल गई।
अब नए प्लेबैक गाने नहीं, साफ शब्दों में ऐलान
अपने संदेश में अरिजीत ने बेहद सादे लेकिन गहरे शब्दों में कहा कि वे अब फिल्मों के लिए नए प्लेबैक गाने नहीं गाएंगे। उन्होंने इसे अपनी ज़िंदगी का एक स्वाभाविक मोड़ बताया और कहा कि यह सफर शानदार रहा, लेकिन अब इसे यहीं रोकने का वक्त आ गया है।
फैंस के लिए यकीन करना मुश्किल
जैसे ही यह खबर सामने आई, सोशल मीडिया पर भावनाओं का सैलाब उमड़ पड़ा। किसी ने लिखा बॉलीवुड अब पहले जैसा नहीं रहेगा, तो किसी ने कहा हमारे प्यार की आवाज़ कैसे चुप हो सकती है? हजारों फैंस को यह यकीन ही नहीं हो पा रहा कि जिन गानों के साथ उनकी यादें जुड़ी हैं, उनकी आवाज़ अब फिल्मों में नहीं गूंजेगी।
एक रियलिटी शो से सुपरस्टार तक का सफर
अरिजीत सिंह का सफर संघर्षों से भरा रहा है। छोटे मंच से शुरू होकर उन्होंने अपनी मेहनत और सुरों की ताकत से खुद को देश का सबसे भरोसेमंद प्लेबैक सिंगर बना लिया। उनकी आवाज़ में दर्द भी था, सुकून भी और मोहब्बत की वो गहराई भी जो सीधे दिल तक पहुंचती थी।
वो गाने जो हमेशा जिंदा रहेंगे
⁶तुम ही हो, चन्ना मेरेया, केसरीया, फिर भी तुमको चाहूँगा, लाल इश्क जैसे न जाने कितने गाने हैं, जिन्होंने लोगों की ज़िंदगी के खास लम्हों को यादगार बनाया। शादी हो, जुदाई हो या पहली मोहब्बत , अरिजीत की आवाज़ हर एहसास की साथी रही है।
क्या संगीत से पूरी तरह दूरी बना रहे हैं?
इस फैसले के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या अरिजीत संगीत को हमेशा के लिए छोड़ रहे हैं? इसका जवाब है , नहीं। उन्होंने साफ संकेत दिए हैं कि वे संगीत से दूर नहीं जा रहे, बल्कि सिर्फ फिल्मों के प्लेबैक सिस्टम से खुद को अलग कर रहे हैं। आगे चलकर वे स्वतंत्र संगीत और अपने मन के प्रोजेक्ट्स पर काम कर सकते हैं।
नई दिशा, नया अध्याय
माना जा रहा है कि अरिजीत अब उस संगीत की ओर लौटना चाहते हैं, जहां दबाव कम और आत्मा की आवाज़ ज़्यादा हो। इंडिपेंडेंट म्यूज़िक, लाइव परफॉर्मेंस और आत्मिक संतोष से भरे सुर , यह उनके जीवन का अगला अध्याय हो सकता है।
सम्मान, सफलता और विरासत
अपने करियर में अरिजीत सिंह ने हर बड़ा सम्मान हासिल किया है। लेकिन सबसे बड़ा पुरस्कार उन्हें जनता का प्यार मिला, जो शायद किसी ट्रॉफी से कहीं ज्यादा कीमती है। उनकी आवाज़ ने जो असर छोड़ा है, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनकर रहेगा।
एक युग का विराम, लेकिन यादें अमर
अरिजीत सिंह का यह फैसला एक युग के रुकने जैसा है, लेकिन उनकी आवाज़ कभी नहीं रुकेगी। उनके गाने, उनकी सादगी और उनका संगीत हमेशा ज़िंदा रहेगा। शायद प्लेबैक से दूरी हो, लेकिन दिलों से दूरी कभी नहीं होगी।






