नफ़रत से अंधे हो चुके हैं, कंगना रनौत का AR रहमान पर तीखा वार, फिल्म छावा को लेकर मचा बवाल
Share your love

संवाद 24 डेस्क। बॉलीवुड में एक बार फिर शब्दों की जंग तेज़ हो गई है। बेबाक बयानों के लिए जानी जाने वाली अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत ने इस बार अपने निशाने पर देश के दिग्गज संगीतकार ए.आर. रहमान को लिया है। वजह बना है फिल्म ‘छावा’ को लेकर रहमान का बयान, जिसे कंगना ने न सिर्फ़ आपत्तिजनक बताया बल्कि इसे निजी पूर्वाग्रह से प्रेरित करार दिया।
छावा पर बयान से भड़की कंगना
कंगना रनौत को ए.आर. रहमान का यह कहना नागवार गुज़रा कि फिल्म छावा समाज को बांटने वाली सोच को बढ़ावा देती है। कंगना का मानना है कि किसी ऐतिहासिक या सांस्कृतिक विषय पर बनी फिल्म को इस तरह लेबल करना न केवल रचनात्मक स्वतंत्रता पर हमला है, बल्कि कलाकारों की मेहनत का भी अपमान है।
सोशल मीडिया पर फूटा गुस्सा
कंगना ने सोशल मीडिया के ज़रिये अपनी नाराज़गी खुलकर ज़ाहिर की। उन्होंने लिखा कि रहमान का रवैया पक्षपातपूर्ण है और वे तथ्यों को नहीं बल्कि अपनी निजी सोच के आधार पर राय बना रहे हैं। कंगना ने साफ शब्दों में कहा कि कुछ लोग अपनी नफ़रत और पूर्वधारणाओं के चलते सच्चाई देख ही नहीं पाते।
मुझसे मिलने तक से किया इनकार
कंगना ने यह भी दावा किया कि जब उन्होंने अपनी आने वाली फिल्म को लेकर ए.आर. रहमान से मुलाकात की कोशिश की, तो रहमान ने मिलने से इनकार कर दिया। इतना ही नहीं, कंगना के मुताबिक, उनकी फिल्म को पहले ही प्रचारात्मक करार दे दिया गया, बिना उसे समझे या देखे।
फिल्म इंडस्ट्री पर लगाए गंभीर आरोप
इस पूरे विवाद के बीच फिल्म इंडस्ट्री की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे हैं। कंगना का कहना है कि आजकल फिल्मों को उनके कंटेंट से ज़्यादा राजनीतिक चश्मे से देखा जा रहा है। अगर कोई फिल्म किसी वर्ग या विचारधारा को पसंद नहीं आती, तो उसे तुरंत विवादित घोषित कर दिया जाता है।
कला को राजनीति से अलग रखो
कंगना ने दो टूक कहा कि कला का उद्देश्य सवाल उठाना, इतिहास दिखाना और समाज को आईना दिखाना होता है। इसे राजनीति या व्यक्तिगत नफ़रत के तराज़ू पर तौलना कलाकारों के साथ अन्याय है। उन्होंने अपील की कि सिनेमा को सिनेमा की तरह देखा जाए, न कि वैचारिक युद्ध का हथियार बनाया जाए।
बॉलीवुड में फिर बंटी राय
इस बयानबाज़ी के बाद फिल्म जगत दो हिस्सों में बंटता नज़र आ रहा है। कुछ लोग कंगना की साफगोई की तारीफ़ कर रहे हैं, तो कुछ का मानना है कि इस तरह के सार्वजनिक आरोप विवाद को और हवा देते हैं। हालांकि इतना तय है कि छावा से जुड़ा यह विवाद अब सिर्फ़ फिल्म तक सीमित नहीं रहा।
विवाद से बढ़ी चर्चा
फिल्म छावा और उससे जुड़े बयान अब चर्चा के केंद्र में आ चुके हैं। सोशल मीडिया से लेकर इंडस्ट्री के अंदर तक, हर जगह इस मुद्दे पर बहस जारी है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह विवाद थमता है या फिर और नए मोड़ लेता है।






