रणवीर बनाम प्रभास, बॉक्स ऑफिस का महासंग्राम, 38वें दिन भी धुरंधर ने नहीं मानी हार!
Share your love

संवाद 24 डेस्क।फिल्मी गलियारों में इन दिनों सिर्फ एक ही चर्चा है , बॉक्स ऑफिस पर दो सुपरस्टार्स की आमने-सामने की टक्कर। एक तरफ रणवीर सिंह की बहुचर्चित फिल्म धुरंधर है, जो रिलीज़ के 38वें दिन भी सिनेमाघरों में मजबूती से टिकी हुई है, वहीं दूसरी ओर प्रभास की नई फिल्म द राजा साब ने एंट्री लेते ही दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। दोनों फिल्मों की मौजूदगी ने सिनेमाघरों में एक अलग ही माहौल बना दिया है।
38वें दिन भी कायम धुरंधर का जलवा
रणवीर सिंह स्टारर धुरंधर ने यह साबित कर दिया है कि सच्ची ब्लॉकबस्टर वही होती है जो वक्त के साथ और मजबूत होती जाए। रिलीज़ को कई हफ्ते बीत जाने के बाद भी फिल्म की कमाई थमने का नाम नहीं ले रही है। 38वें दिन भी सिनेमाघरों में दर्शकों की मौजूदगी यह साफ दिखा रही है कि फिल्म का क्रेज़ अभी खत्म नहीं हुआ है।
कहानी और किरदार बने सबसे बड़ी ताकत
धुरंधर की सफलता के पीछे सिर्फ बड़े स्टार्स ही नहीं, बल्कि इसकी दमदार कहानी और मजबूत किरदार भी बड़ी वजह हैं। फिल्म में जासूसी, एक्शन और इमोशन का ऐसा संतुलन देखने को मिला जिसने हर वर्ग के दर्शकों को जोड़कर रखा। रणवीर सिंह का गंभीर और आक्रामक अवतार दर्शकों को खासा पसंद आया।
लंबे रन की असली परीक्षा में खरी उतरी फिल्म
अक्सर देखा जाता है कि बड़ी फिल्में शुरुआती हफ्तों में धमाका करती हैं लेकिन धीरे-धीरे कमजोर पड़ जाती हैं। धुरंधर ने इस ट्रेंड को पूरी तरह तोड़ दिया। पांचवें और छठे हफ्ते में भी फिल्म की कमाई यह बताती है कि दर्शकों का भरोसा इस पर कायम है।
प्रभास की ‘द राजा साब’ की भव्य एंट्री
इसी बीच प्रभास की द राजा साब ने सिनेमाघरों में दस्तक देकर मुकाबले को और रोचक बना दिया। फिल्म की रिलीज़ के साथ ही फैंस में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। प्रभास की पैन-इंडिया फैन फॉलोइंग ने शुरुआती दिनों में फिल्म को अच्छी ओपनिंग दिलाई।
हॉरर और कॉमेडी का अनोखा मिश्रण
द राजा साब एक ऐसी फिल्म है जिसमें डर, हंसी और फैंटेसी का अनोखा मेल देखने को मिलता है। यह प्रयोग दर्शकों के एक बड़े वर्ग को आकर्षित करता है, लेकिन साथ ही यह जोखिम भरा भी साबित होता है। कुछ दर्शकों को यह नया अंदाज़ खूब पसंद आया, तो कुछ इसे लेकर असमंजस में नजर आए।
शुरुआती धमाके के बाद आई चुनौती
फिल्म की शुरुआत भले ही शानदार रही हो, लेकिन आगे के दिनों में इसके सामने सबसे बड़ी चुनौती बनी , दर्शकों को बांधे रखना। दूसरे और तीसरे दिन से ही कमाई में उतार-चढ़ाव देखने को मिला, जिसने यह साफ कर दिया कि मुकाबला आसान नहीं होने वाला।
असली जंग,अनुभव बनाम नया जोश
बॉक्स ऑफिस पर यह मुकाबला अनुभव और नए जोश की लड़ाई जैसा बन गया है। धुरंधर जहां अपनी मजबूत पकड़ और स्थिर कमाई के दम पर आगे बढ़ रही है, वहीं द राजा साब शुरुआती जोश के बाद खुद को साबित करने की कोशिश में जुटी हुई है।
सिनेमाघरों में बदला माहौल
दो बड़ी फिल्मों की मौजूदगी से सिनेमाघरों में रौनक लौट आई है। मल्टीप्लेक्स हों या सिंगल स्क्रीन, दर्शकों के पास विकल्प हैं और यही वजह है कि वीकेंड्स पर टिकट खिड़कियों पर हलचल बनी हुई है।
दर्शकों की राय बनी चर्चा का विषय
सोशल मीडिया पर दोनों फिल्मों को लेकर जबरदस्त बहस चल रही है। कुछ लोग धुरंधर को साल की सबसे मजबूत फिल्म बता रहे हैं, तो वहीं प्रभास के फैंस द राजा साब को अलग और साहसी प्रयोग करार दे रहे हैं।
कंटेंट की जीत या स्टार पावर का असर?
यह सवाल भी लगातार उठ रहा है कि आखिर बॉक्स ऑफिस पर जीत किसकी होगी , मजबूत कंटेंट की या सुपरस्टार की फैन फॉलोइंग की। फिलहाल तस्वीर यही दिखा रही है कि कहानी और प्रस्तुति लंबे समय तक टिकने में बड़ी भूमिका निभा रही है।
आने वाले दिनों में बढ़ेगा रोमांच
आने वाले दिनों में यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि द राजा साब अपनी पकड़ मजबूत कर पाती है या नहीं, और क्या धुरंधर अपनी रफ्तार को इसी तरह बरकरार रख पाती है। दोनों फिल्मों की किस्मत अब दर्शकों के फैसले पर टिकी है।
बॉक्स ऑफिस पर फिलहाल किसका पलड़ा भारी?
अगर मौजूदा हालात पर नजर डालें तो साफ दिखता है कि धुरंधर ने लंबे समय तक टिकने की क्षमता दिखाकर बढ़त बना ली है। वहीं द राजा साब के लिए असली परीक्षा अब शुरू हुई है।
फिल्मी साल की सबसे बड़ी टक्कर
इस मुकाबले ने यह साबित कर दिया है कि 2026 का फिल्मी साल बेहद रोमांचक होने वाला है। दर्शकों को एक के बाद एक बड़ी फिल्में देखने को मिल रही हैं और बॉक्स ऑफिस पर टक्कर का स्तर लगातार ऊंचा होता जा रहा है।






