29 हजार करोड़ की Unacademy आज 4 हजार करोड़ की: Byju’s के बाद दूसरी बड़ी एडटेक का पतन
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संवाद 24 डेस्क: कभी भारत की सबसे तेजी से बढ़ने वाली एडटेक कंपनियों में शामिल रही Unacademy अब मर्जर और एक्विजिशन (M&A) के विकल्प तलाश रही है। कंपनी के को-फाउंडर गौरव मुंजाल ने खुद पुष्टि की है कि Unacademy को बेचने या किसी दूसरी कंपनी के साथ मर्ज करने को लेकर बातचीत चल रही है।
Unacademy की वैल्यूएशन में बीते चार सालों में जबरदस्त गिरावट आई है। 2021 में जहां कंपनी की वैल्यूएशन करीब ₹29,050 करोड़ (3.4–3.5 बिलियन डॉलर) थी, वहीं अब यह घटकर ₹4,000–4,150 करोड़ (500 मिलियन डॉलर से भी कम) रह गई है। यानी अपने पीक से लगभग 85–90% तक की गिरावट।
गौरव मुंजाल बोले– बड़ा ‘रीसेट’ झेल रही है कंपनी
10 दिसंबर 2025 को Unacademy के 10 साल पूरे होने पर X (पूर्व ट्विटर) पर एक लंबी पोस्ट में गौरव मुंजाल ने कहा कि कंपनी इस समय एक बड़े रीसेट फेज से गुजर रही है।
उन्होंने साफ कहा कि Unacademy तभी बिकेगी या मर्ज होगी, जब डील दोनों पक्षों के लिए फायदेमंद होगी और उससे एक मजबूत संयुक्त कंपनी बनेगी।
कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, upGrad Unacademy को 300–320 मिलियन डॉलर की वैल्यूएशन पर खरीदने को लेकर बातचीत कर रही है। यह 2021 की पीक वैल्यूएशन से करीब 90% कम है।
Unacademy की गिरावट के 4 बड़े कारण (मुंजाल के मुताबिक)
1. कोविड के बाद ऑफलाइन पढ़ाई की वापसी
कोरोना के दौरान ऑनलाइन एजुकेशन का बूम आया, लेकिन कोविड खत्म होते ही स्टूडेंट्स फिर से ऑफलाइन कोचिंग की ओर लौट गए। इससे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स की ग्रोथ रुक गई और Unacademy की कमाई पर सीधा असर पड़ा।
2. निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ
2021 के बाद निवेशकों ने एडटेक सेक्टर को पहले जितना आकर्षक नहीं माना। Unacademy को नई फंडिंग हाई वैल्यूएशन पर मिलना मुश्किल हो गया।
3. सस्ते कोर्स और बढ़ता मुकाबला
कई नई कंपनियों ने Unacademy का मॉडल कॉपी कर बेहद सस्ते कोर्स लॉन्च किए। इससे कंपनी का मार्केट शेयर घटा और उसे भी दाम कम करने पड़े, जिससे मार्जिन पर दबाव बढ़ा।
4. तेज़ विस्तार और हाई कैश बर्न
तेजी से बढ़ने और कई कंपनियां खरीदने के चलते Unacademy का खर्च बहुत बढ़ गया।
FY22 में कंपनी का घाटा ₹2,848 करोड़ तक पहुंच गया। इसके बाद बड़े पैमाने पर छंटनी हुई और टीम 60% से ज्यादा घट गई।
YouTube चैनल से यूनिकॉर्न तक का सफर
Unacademy की शुरुआत 2010 में गौरव मुंजाल ने एक YouTube चैनल के तौर पर की थी। कॉलेज के दौरान वे अपने दोस्तों को कंप्यूटर साइंस पढ़ाया करते थे।
2014 में उनके दोस्त रोमन सैनी के UPSC क्रैक करने के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं के वीडियो डाले गए, जो वायरल हो गए।
10 दिसंबर 2015 को Unacademy को कंपनी के रूप में लॉन्च किया गया।
2015 से 2019 तक कंपनी ने बिना भारी मार्केटिंग खर्च के जबरदस्त ग्रोथ की।
2019 में सब्सक्रिप्शन मॉडल से उड़ान
2019 में लाइव क्लास और सब्सक्रिप्शन मॉडल शुरू हुआ।
2020 तक कंपनी के करीब 10 लाख पेड सब्सक्राइबर हो गए और Unacademy यूनिकॉर्न बन गई।
2022 से शुरू हुआ री-स्ट्रक्चरिंग दौर
2022 में कंपनी ने बड़े पैमाने पर खर्च घटाने और री-स्ट्रक्चरिंग शुरू की।
- सालाना खर्च ₹1,400 करोड़ से घटाकर 2025 तक ₹175 करोड़ से कम
- सब्सक्रिप्शन फीस घटाई
- YouTube पर फोकस बढ़ाया
लेकिन इसके बावजूद वैल्यूएशन में गिरावट जारी रही।
Allen के साथ डील भी टूटी
2024 में Unacademy की Allen Career Institute (कोटा) के साथ डील की बातचीत चली थी।
डील वैल्यू करीब 800 मिलियन डॉलर आंकी गई थी, लेकिन कीमत पर सहमति नहीं बनने से यह समझौता टूट गया।
10 करोड़ स्टूडेंट्स, फिर भी संकट
अब तक Unacademy
- 10 करोड़ से ज्यादा स्टूडेंट्स को पढ़ा चुकी है
- 60,000+ टीचर्स के साथ काम कर चुकी है
- PrepLadder, Relevel, Graphy और Spayee जैसी कंपनियां खरीद चुकी है
इसके बावजूद Unacademy की हालत आज Byju’s के बाद एडटेक सेक्टर की दूसरी बड़ी गिरावट के तौर पर देखी जा रही है।
अब सबकी नजर इस पर है कि Unacademy किसी कंपनी के साथ मर्ज होती है या पूरी तरह बिक जाती है।






