ग्रेटर नोएडा: 155 बच्चों पर सिर्फ 2 शिक्षक, कई क्लासें एक साथ; BLO ड्यूटी से स्कूलों की पढ़ाई प्रभावित
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उत्तर प्रदेश के कई स्कूलों में इस समय पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। ग्रेटर नोएडा के दनकौर क्षेत्र स्थित एच्छर प्राइमरी स्कूल में शिक्षक की भारी कमी के चलते पहली से पांचवीं तक की कक्षाएं एक साथ चलाई जा रही हैं। स्कूल में कुल 155 छात्र हैं, लेकिन उन्हें पढ़ाने के लिए प्रिंसिपल सहित केवल दो शिक्षक ही उपलब्ध हैं।
क्लासें मर्ज, बच्चे खुले आंगन में पढ़ने को मजबूर
शिक्षकों की कमी के कारण क्लास 1 और 2 के बच्चों को एक ही कमरे में बैठाकर पढ़ाया जा रहा है। वहीं क्लास 3 और 4 के छात्र खुले आंगन में बैठकर पढ़ाई कर रहे हैं। कक्षाएं छोटी होने और बच्चों की संख्या अधिक होने से शिक्षकों पर दबाव बढ़ गया है।
होशियारपुर के कम्पोजिट स्कूल की स्थिति भी गंभीर
नोएडा के सबसे बड़े कम्पोजिट स्कूल होशियारपुर में 653 छात्र पढ़ते हैं। स्कूल में 20 शिक्षक हैं, लेकिन SIR के चलते इस समय केवल 6 शिक्षक ही ड्यूटी पर आ पा रहे हैं।
BLO ड्यूटी से स्कूलों में संकट
प्रदेश में चल रहे SIR अभियान के तहत बड़ी संख्या में सरकारी शिक्षकों को BLO की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इससे नोएडा और ग्रेटर नोएडा के कई स्कूलों में स्टाफ की कमी हो गई है। कई स्थानों पर एक शिक्षक को एक साथ कई कक्षाओं को संभालना पड़ रहा है।
दबाव इतना बढ़ गया है कि लापरवाही होने पर BLO और शिक्षकों पर FIR तक दर्ज हो रही है। हाल ही में नोएडा में 60 और गाजियाबाद में 21 BLO पर कार्रवाई की गई।
“एग्जाम नजदीक हैं, मैनेज करना मुश्किल” — प्रिंसिपल
एच्छर प्राइमरी स्कूल की प्रिंसिपल शालिनी ने बताया कि स्कूल में कुल 8 शिक्षक हैं, जिनमें से 4 BLO ड्यूटी पर हैं। उन्होंने कहा—
“परीक्षाएं करीब हैं, और इस स्थिति में पढ़ाई को मैनेज करना बेहद कठिन है। सिर्फ उपस्थिति लेने में ही 30 मिनट लग जाते हैं, जबकि कोर्स अभी पूरा नहीं हो पाया है।”
टीचर्स एसोसिएशन का कहना है कि BLO ड्यूटी के कारण स्कूलों की पढ़ाई लगभग चौपट हो चुकी है और बच्चों का शैक्षणिक नुकसान बढ़ता जा रहा है।






